मेघालय में अपने पति राजा रघुवंशी की हत्या के मामले में आरोपी सोनम रघुवंशी को मिली जमानत के खिलाफ राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। इस फैसले का मृतक के परिवार ने स्वागत करते हुए आशंका जताई है कि जमानत पर रहने के दौरान आरोपी सबूतों या गवाहों को प्रभावित कर सकती है।
राजा रघुवंशी के बड़े भाई विपिन रघुवंशी ने कहा कि परिवार को न्यायपालिका पर भरोसा है और उन्हें उम्मीद है कि मामले में निष्पक्ष न्याय मिलेगा। उन्होंने यह भी चिंता जताई कि लंबे समय तक जमानत पर रहने की स्थिति में आरोपी के फरार होने या जांच को प्रभावित करने की आशंका बनी रह सकती है।
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में मेघालय सरकार की याचिका पर जल्द सुनवाई होने की संभावना है।
इससे पहले 29 जून को मेघालय हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें निचली अदालत द्वारा 27 अप्रैल को दी गई जमानत रद्द करने की मांग की गई थी। हाईकोर्ट ने कहा था कि गिरफ्तारी की प्रक्रिया में पुलिस की ओर से गंभीर प्रक्रियागत त्रुटियां हुई थीं, इसलिए निचली अदालत का जमानत आदेश बरकरार रखा गया।
सोनम रघुवंशी को 9 जून 2025 को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से गिरफ्तार किया गया था। वह जमानत मिलने से पहले लगभग दस महीने तक शिलांग की जिला जेल में न्यायिक हिरासत में रही।
यह मामला वर्ष 2025 का है, जब इंदौर निवासी राजा और सोनम रघुवंशी हनीमून के दौरान मेघालय गए थे। दोनों के लापता होने के बाद ईस्ट खासी हिल्स जिले के सोहरा (चेरापूंजी) क्षेत्र में एक खाई से राजा का शव बरामद हुआ था।
मेघालय पुलिस का आरोप है कि सोनम रघुवंशी ने अपने कथित प्रेमी राज कुशवाह और अन्य आरोपियों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। मामले की सुनवाई फिलहाल न्यायालय में जारी है और आरोपों पर अंतिम फैसला आना बाकी है।


