दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विधानसभा में विपक्ष और आम आदमी पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि विपक्ष ने सदन में भाग लेने के बजाय सड़कों पर बैठना बेहतर समझा, और ईश्वर करे कि वे अगली बार भी सड़कों पर ही रहें।
सीएम रेखा गुप्ता ने आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली सरकार के दौरान लिया गया करीब 47 हजार करोड़ रुपये का कर्ज अब मौजूदा सरकार को चुकाना पड़ रहा है, जिसमें से 27 हजार करोड़ रुपये अभी भी बकाया हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली में लंबे समय से बजट के लिए कर्ज लेने की परंपरा रही है, लेकिन आम आदमी पार्टी सरकार ने अधिक ब्याज दरों पर कर्ज लिया।
उन्होंने यह भी दावा किया कि पिछली सरकार ने कई योजनाओं के भुगतान लंबित छोड़े, जिनका भार अब वर्तमान सरकार उठा रही है। इनमें मेट्रो परियोजनाओं, अस्पतालों के निर्माण, स्कूलों के विकास, छात्रों के पुरस्कार, SC-ST विद्यार्थियों की ट्यूशन फीस, सरकारी कॉलेजों के फंड और कोविड-19 के दौरान दिवंगत कर्मचारियों के मुआवजे जैसी मदें शामिल हैं।
सीएम ने आगे कहा कि दिल्ली परिवहन निगम (DTC) को भारी घाटे में पहुंचा दिया गया और जल बोर्ड की वित्तीय स्थिति भी कमजोर हुई। उन्होंने केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी नीतियों के कारण दिल्ली को नुकसान हुआ और वे लगातार आरोप-प्रत्यारोप में लगे रहे।
शिक्षा के मुद्दे पर भी सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि जिस शिक्षा मॉडल की बात की जाती थी, उसमें हर साल स्कूलों में नामांकन घटता गया।
विधानसभा में बजट पारित होने के बाद सत्र को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया।
