CJP नेताओं की बढ़ी मुश्किल, हाईकोर्ट ने जारी किया नोटिस, BJP नेता गौरव भाटिया ने मांगा 2 करोड़ का हर्जाना

Nikhil Malhotra
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दिल्ली हाईकोर्ट में जस्टिस तुषार राव गेडेला की बेंच ने सुनवाई के दौरान मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि बिना वेरिफिकेशन के किसी वरिष्ठ वकील और राजनीतिक शख्सियत के…

दिल्ली हाईकोर्ट में जस्टिस तुषार राव गेडेला की बेंच ने सुनवाई के दौरान मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि बिना वेरिफिकेशन के किसी वरिष्ठ वकील और राजनीतिक शख्सियत के बारे में इस तरह के पोस्ट करना गलत है। अदालत ने सीजेपी के नेताओं को चेतावनी देते हुए सभी विवादित पोस्ट स्वयं हटाने का सुझाव दिया

मामले की सुनवाई के दौरान सौरव दास और आशुतोष रांका के वकीलों ने अदालत को आश्वस्त किया कि एआई (AI) से बनाए गए विवादित बैनर और कुछ पोस्ट्स डिलीट किए जा चुके हैं तथा बाकी को भी जल्द हटा दिया जाएगा। वहीं, अभिजीत दीपके के पक्ष ने कहा कि उन्होंने इस मुद्दे पर कोई विवादित सामग्री पोस्ट नहीं की थी

अदालत ने केवल CJP नेताओं को ही पोस्ट हटाने का आदेश नहीं दिया, बल्कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स X (ट्विटर) और Meta (फेसबुक/इंस्टाग्राम) को भी स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि ये आपत्तिजनक और फर्जी पोस्ट भविष्य में दोबारा प्लेटफॉर्म पर न दिखने पाएं

सुनवाई के दौरान जब प्रतिवादी पक्ष पोस्ट हटाने पर सहमत हुआ, तो अदालत ने गौरव भाटिया से मध्यस्थता का विकल्प चुनने को कहा। हालांकि, गौरव भाटिया ने इसे ठुकराते हुए कहा कि उनकी प्रतिष्ठा को गहरा नुकसान पहुंचाया गया है और वह हर्जाना चाहते हैं। भाटिया ने दलील दी कि इन नेताओं के सोशल मीडिया पर लाखों फॉलोअर्स हैं और इनके पोस्ट्स को एक-एक दिन में 10 लाख से ज्यादा लोग देखते हैं। याचिका दायर होने के बाद भी आपत्तिजनक सामग्री साझा की जाती रही

सुनवाई के दौरान अदालत ने सीजेपी नेताओं को परिपक्वता से काम लेने और तथ्यों की पुष्टि के बाद ही कुछ शेयर करने की सलाह दी। बेंच ने कहा कि आप युवा हैं, विरोध व्यक्त करने के कई अन्य और शालीन तरीके हो सकते हैं। क्या आपको वास्तव में इस हद तक जाने की जरूरत है? भाटिया की ओर से हर्जाने की मांग पर जोर दिए जाने के बाद हाईकोर्ट ने सीजेपी और उसके तीनों नेताओं के खिलाफ आधिकारिक समन जारी कर दिया है

स्रोत: readnownews.in

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