बलिया (उत्तर प्रदेश) – बलिया सदर तहसील परिसर में स्थानीय अधिवक्ताओं ने एसडीएम कार्यालय के सामने धरना‑प्रदर्शन शुरू कर दिया है। अधिवक्ताओं का कहना है कि सदर एसडीएम तिमराज सिंह के व्यवहार को तानाशाही बताया गया, जिसके खिलाफ उन्होंने जोरदार नारेबाजी की और न्यायिक कार्य का बहिष्कार कर दिया है।
धरने में शामिल अधिवक्ताओं का आरोप है कि एसडीएम सिंह ने उन्हें धमकियाँ दी हैं और कहा है कि “आपके पास अधिवक्ताओं की फौज है, तो मेरे पास पुलिस प्रशासन की फौज है।” इन कथित बयानों पर अधिवक्ता ने गहरा विरोध जताया है और इसे प्रशासनिक दबाव मानते हुए कड़ी आलोचना की है।
एक ओर जहां अधिवक्ताओं ने एसडीएम के रवैये को अस्वीकार्य बताते हुए अदालत का बहिष्कार किया है, वहीं दूसरी ओर उन्होंने उच्च अधिकारियों से हस्तक्षेप और न्याय दिलाने की मांग की है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक संबंधित अधिकारी स्थानांतरित नहीं किए जाते या प्रशासनिक स्तर पर कोई निगरानी/जांच स्थापित नहीं होती, तब तक उनका धरना जारी रहेगा।
इस प्रकरण में प्रशासन या एसडीएम कार्यालय की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी तक सामने नहीं आई है। हालांकि ऐसे मामलों में आमतौर पर वरिष्ठ राजस्व अधिकारी या जिलाधिकारी द्वारा त्वरित जांच या शांतिपूर्वक समाधान के प्रयास किये जाते हैं।
यह प्रशासनिक तनाव का मामला स्थानीय राजनीति और न्यायिक समुदाय में चर्चा का विषय बना हुआ है, और आगामी समय में उच्च प्रशासनिक आदेशों की प्रतीक्षा की जा रही है।
