ग्लैमर की दुनिया से निकलकर पढ़ाई की ओर लौटना आसान नहीं होता, लेकिन राजस्थान की ब्यूटी क्वीन ऐश्वर्या श्योराण ने यह चुनौती कुशलता से निभाई। उन्होंने सिर्फ 10 महीने की तैयारी में UPSC परीक्षा क्रैक की और अखिल भारतीय रैंक 93 हासिल की। IAS की जगह उन्होंने भारतीय विदेश सेवा (IFS) को चुना।
शिक्षा और मॉडलिंग की शुरुआत
1997 में राजस्थान के चुरू में जन्मी ऐश्वर्या ने अपनी स्कूली शिक्षा दिल्ली के संस्कृति स्कूल से पूरी की और श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स, दिल्ली विश्वविद्यालय से इकोनॉमिक्स ऑनर्स में स्नातक की डिग्री ली।
कॉलेज के दिनों में ही उन्हें मॉडलिंग में रुचि हुई। उन्होंने 2014 में मिस क्लीन एंड क्लियर का खिताब और 2016 में मिस इंडिया फाइनलिस्ट का सम्मान हासिल किया। उनके नाम का प्रेरणा स्रोत बॉलीवुड अभिनेत्री ऐश्वर्या राय थीं।
मॉडलिंग से सिविल सेवा तक
मॉडलिंग में सफलता के बावजूद ऐश्वर्या देश सेवा के अपने सपने के लिए प्रतिबद्ध रहीं। उन्होंने IIM इंदौर में दाख़िला लेने के विकल्प को छोड़कर यूपीएससी की तैयारी शुरू की। अपने पिता कर्नल अजय कुमार की प्रेरणा से उन्होंने बिना किसी कोचिंग के कड़ी मेहनत की।
ऐतिहासिक सफलता
पहले प्रयास में ही उन्होंने UPSC परीक्षा पास कर IFS अधिकारी बनने का सपना पूरा किया। वर्तमान में वे विदेश मंत्रालय में वरिष्ठ अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं। ऐश्वर्या की कहानी फैशन से कूटनीति तक का प्रेरणादायक सफर है, जो “ब्यूटी विद ब्रेन्स” का सटीक उदाहरण प्रस्तुत करती है।
