पश्चिम एशिया तनाव के कारण सेंसेक्स में 6.46% की गिरावट, बाजार पूंजीकरण में भारी कमी

Bole India
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पश्चिम एशिया में हालिया संघर्ष के शुरू होने के बाद से भारतीय निवेशकों की संपत्ति में भारी कमी आई है। अमेरिकी और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के चलते शेयर बाजार में तेज गिरावट देखने को मिली। बीएसई सेंसेक्स 27 फरवरी से अब तक 6.46 प्रतिशत यानी 5,252.77 अंक नीचे आया है।

इस दौरान बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण 23,44,237.26 करोड़ रुपये घटकर 4,40,06,434.01 करोड़ रुपये (लगभग 4,770 अरब डॉलर) रह गया। गुरुवार को सेंसेक्स 829.29 अंक यानी 1.08 प्रतिशत गिरकर 76,034.42 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान सेंसेक्स एक समय 992.53 अंक तक लुढ़क कर 75,871.18 अंक तक पहुंच गया था।

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी में स्थित होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल और माल ढुलाई प्रभावित हुई है। इसके परिणामस्वरूप वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 6.66 प्रतिशत बढ़कर 98.11 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस संकट से न केवल निवेशकों की संपत्ति प्रभावित हुई है, बल्कि देश और वैश्विक बाजारों में अस्थिरता भी बढ़ गई है। निवेशकों में अनिश्चितता और वैश्विक तेल आपूर्ति पर दबाव के चलते शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव तेज हो गया है।

बीएसई सेंसेक्स और अन्य प्रमुख शेयर सूचकांक में गिरावट निवेशकों की जोखिम भरी स्थिति को दर्शाती है। आर्थिक विश्लेषकों का कहना है कि बाजार में स्थिरता के लिए क्षेत्रीय तनाव को कम करना और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को बहाल करना आवश्यक है।

इस प्रकार, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और तेल की बढ़ती कीमतों के बीच भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे निवेशकों की संपत्ति में करोड़ों रुपये की कमी हुई है और बाजार अस्थिर बना हुआ है।

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