टपरी कांड में समाजवादी पार्टी से जुड़े शराब माफियाओं पर प्रशासन ने शिकंजा कस दिया है अवैध शराब उत्पादन,डुप्लीकेट बार कोड की फाइलें जब खुलीं तो सामने आया कि टपरी फैक्टरी में करोड़ों का माल छिपाकर पूरे प्रदेश को सप्लाई दी जा रही थी फर्जी रिकॉर्ड, तकनीकी छेड़छाड़ और अवैध खेप के इस खेल ने सरकार को 35 करोड़ रुपये की चपत लगा दी अब सहारनपुर प्रशासन ने बरेली और बदायूं के शराब कारोबारियों की पूरी चेन पर गैंगस्टर एक्ट का हथौड़ा चला दिया है………….
शराब माफियाओं की टैक्स चोरी के इस सिंडिकेट में कई कारोबारी कुछ ही सालों में रोड से करोड़पति बन गए। गैंग बनाकर धोखाधड़ी में फैक्टरी के एमडी प्रणय अनेजा, बरेली के शराब कारोबारी मनोज जायसवाल और उनके भाई नीरज जायसवाल समेत 27 लोगों को संगठित अपराध में शामिल पाकर डीएम मनीष बंसल की अनुमति पर गैंगस्टर एक्ट लगा दिया गया है……….
फैक्टरी में उत्पादन का असली आंकड़ा छिपाने के लिए जीपीएस, सीसी कैमरे और बारकोड ट्रैकिंग से छेड़छाड़ कर गैर-लाइसेंसी शराब की खेप को सुरक्षित रूटों से बाहर भेजा जाता रहा दस्तावेजों में हेरफेर, डेटा में कटौती और फर्जी प्रविष्टियों के जरिये पूरे नेटवर्क ने एक्साइज,जीएसटी और आयकर के नियमों की अनदेखी की जिसमें करीब 11 महीनों के भीतर प्रदेश सरकार को लगभग 35 करोड़ रुपये की राजस्व हानि पहुंचाई गई यह सारा खेल फैक्टरी के कुछ अधिकारियों, आबकारी अधिकारियों, परिवहनकर्ताओं और बॉटलिंग व केमिकल यूनिट से जुड़े कर्मचारियों की मिलीभगत से चलता रहा,शराब की टैक्स चोरी धोखाधड़ी और जालसाजी में जिन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था और एसआईटी ने उसमें चार्जशीट दाखिल की थी इसके बावजूद शराब कारोबारी ने पूरे यूपी में शराब की दुकानों के ठेके ले रखे हैंगैंगस्टर एक्ट लागू होते ही अब पुलिस संपत्तियों की कुर्की, बैंक खातों की जांच, दस्तावेजों की फॉरेंसिक पड़ताल और गिरफ्तारी की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ाएगी सहारनपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है बरेली के रहने वाले कई शराब कारोबारियों ने अपनी पत्नी रिश्तेदार भाई और दोस्तों के नाम शराब की दुकानों के लाइसेंस ले रखे हैं। चार्जशीट होने के बावजूद उन्होंने पूरे प्रदेश में शराब कारोबार का नया सिंडिकेट खड़ा कर दिया। गैंगस्टर लगने के बाद अब उनके सिंडिकेट पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं…


