अयोध्या में श्रीराम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) आज अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपने की स्थिति में नहीं है। सूत्रों के अनुसार, जांच का दायरा बढ़ने के चलते टीम को 15 दिन का अतिरिक्त समय दिए जाने की संभावना है।
पहले SIT को 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपनी थी, लेकिन समयसीमा पूरी होने के बावजूद जांच जारी रही। अब लखनऊ में हुई बैठक के बाद टीम ने और समय की मांग की है, जिसके बाद इसे लेकर निर्णय लिया गया है कि जांच अवधि बढ़ाई जा सकती है।
इस बीच राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। समाजवादी पार्टी ने इस जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा है कि SIT से निष्पक्ष नतीजे आने की संभावना कम है। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह मामला धार्मिक आस्था से जुड़ा है, इसलिए इसकी जांच किसी उच्च स्तरीय या सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित समिति से कराई जानी चाहिए।
सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि मामले में पारदर्शिता की कमी है और जांच को लेकर देरी से संदेह और बढ़ रहा है।
वहीं, अन्य धार्मिक और राजनीतिक संगठनों की ओर से भी जांच प्रक्रिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दी जा रही हैं। कुछ का कहना है कि SIT को और समय देना जरूरी है ताकि सभी पहलुओं की गहन जांच हो सके। मामला जांच के दायरे में है और अंतिम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।


