भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित नहीं करने को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव बीजेपी नेताओं के निशाने पर आ गए हैं। प्रदेश सरकार के मंत्रियों और भाजपा नेताओं ने अखिलेश यादव की राजनीति और उनके पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) अभियान को लेकर सवाल खड़े किए।
महापुरुषों को जाति और राजनीति से जोड़ना दुर्भाग्यपूर्ण: मनोज पांडेय
कैबिनेट मंत्री मनोज पांडेय ने कहा कि देश के महापुरुषों का सम्मान जाति, धर्म या राजनीतिक दल के आधार पर नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि महापुरुषों को अलग-अलग नजरिए से देखना लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है।
मनोज पांडेय ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी देश की अस्मिता, सम्मान, प्रगति और अखंडता के प्रतीक रहे हैं। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ने भी सार्वजनिक जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि अटल जी का राजनीतिक जीवन विपक्ष के प्रति सम्मान और सभी वर्गों को साथ लेकर चलने की मिसाल रहा है।
मर्यादित राजनीति की सीख अटल जी से लें: संजय निषाद
निषाद पार्टी के अध्यक्ष और मंत्री संजय निषाद ने अटल बिहारी वाजपेयी को आदर्श राजनेता बताते हुए कहा कि उनके व्यक्तित्व और राजनीतिक जीवन से सभी दलों को सीख लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष हो या विपक्ष, हर नेता को अटल जी के विचारों और राजनीतिक मर्यादा से प्रेरणा लेनी चाहिए।
संजय निषाद ने बताया कि वह स्वयं अटल घाट जाना चाहते थे, लेकिन निषाद पार्टी के स्थापना दिवस के कार्यक्रम के कारण वहां नहीं पहुंच सके। उन्होंने कहा कि अटल जी ऐसे नेता थे, जिनका सम्मान राजनीतिक सीमाओं से ऊपर था।
बीजेपी प्रवक्ताओं ने पीडीए राजनीति पर उठाए सवाल
भाजपा के मुख्य प्रवक्ता दिनेश सिंह ने कहा कि लोकभवन में अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा स्थापित होने के बावजूद अखिलेश यादव द्वारा वहां श्रद्धांजलि नहीं देने को लेकर सवाल उठते हैं। उन्होंने अखिलेश यादव की पीडीए राजनीति को लेकर भी निशाना साधा।
भाजपा प्रवक्ता आलोक अवस्थी ने कहा कि अखिलेश यादव पिछड़े वर्ग के नेताओं और उनके सम्मान की बात करते हैं, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के निधन के समय उनकी प्रतिक्रिया को लेकर भी सवाल उठे थे। उन्होंने कहा कि यदि पीडीए की राजनीति सभी वर्गों के सम्मान की बात करती है, तो फिर महापुरुषों के सम्मान में अलग-अलग रवैया क्यों दिखाई देता है।
बीजेपी नेताओं ने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हो सकते हैं, लेकिन देश के सम्मानित नेताओं और महापुरुषों के प्रति सम्मान राजनीतिक विचारधारा से ऊपर होना चाहिए।


