सुप्रीम कोर्ट को मंगलवार को पांच नए जज मिल गए। भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने नवनियुक्त जजों को शपथ दिलाई। इनमें चार हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और एक वरिष्ठ अधिवक्ता शामिल हैं।
नवनियुक्त जजों में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस शील नागू, बॉम्बे हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस चंद्रशेखर, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस अरुण पल्ली तथा वरिष्ठ अधिवक्ता वी. मोहना शामिल हैं। वी. मोहना बार से सीधे सुप्रीम कोर्ट की जज बनने वाली दूसरी महिला वकील बन गई हैं।
जजों की नियुक्ति और पृष्ठभूमि
जस्टिस शील नागू को मई 2011 में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का जज नियुक्त किया गया था और जुलाई 2024 में वे पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बने।
जस्टिस चंद्रशेखर को जनवरी 2013 में झारखंड हाईकोर्ट का जज नियुक्त किया गया था और जनवरी 2025 में वे बॉम्बे हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बने।
जस्टिस संजीव सचदेवा ने अप्रैल 2013 में दिल्ली हाईकोर्ट के अतिरिक्त जज के रूप में कार्यभार संभाला था और बाद में स्थायी जज बने। वे जुलाई 2025 में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बने।
जस्टिस अरुण पल्ली को दिसंबर 2013 में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का जज नियुक्त किया गया था और अप्रैल 2025 में उन्हें जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाया गया।
वी. मोहना बनीं खास उदाहरण
वरिष्ठ अधिवक्ता वी. मोहना की नियुक्ति विशेष रूप से उल्लेखनीय है, क्योंकि वह सीधे बार से सुप्रीम कोर्ट की जज बनने वाली चुनिंदा महिला वकीलों में शामिल हो गई हैं।
जजों की संख्या बढ़कर 37 हुई
हाल ही में केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में जजों की स्वीकृत संख्या 33 से बढ़ाकर 37 कर दी है (CJI को छोड़कर)। इसका उद्देश्य लंबित मामलों के निपटारे में तेजी लाना है।
इसी महीने सुप्रीम कोर्ट के दो जज—जस्टिस पंकज मित्तल (16 जून) और जस्टिस जे.के. माहेश्वरी (28 जून)—सेवानिवृत्त होने वाले हैं, जिसके बाद न्यायालय में कार्यभार संतुलन को लेकर यह नियुक्तियां महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं।


