सीकर। NEET UG 2026 पेपर लीक मामले में जांच एजेंसियों ने बड़ा खुलासा किया है। आरोप है कि सीकर निवासी दिनेश बिवाल ने अपने बेटे के लिए कथित तौर पर लीक हुआ प्रश्न पत्र हासिल करने के लिए लगभग 10 लाख रुपये का भुगतान किया था। हालांकि, परीक्षा परिणाम में उनका बेटा ऋषि बिवाल 720 में से केवल 107 अंक ही प्राप्त कर सका।
तीन गिरफ्तार, एक ही परिवार पर आरोप
सीबीआई की जांच में सामने आया है कि इस मामले में अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जो एक ही परिवार से जुड़े बताए जा रहे हैं। आरोप है कि इन्होंने एक “गेस पेपर” तैयार कर उसे कोचिंग सेंटरों तक पहुंचाया, जो वास्तविक NEET प्रश्न पत्र से काफी मिलता-जुलता था।
जांच एजेंसी के मुताबिक, परीक्षा से पहले कथित लीक पेपर ऋषि बिवाल तक भी पहुंचा था। फिलहाल वह फरार बताया जा रहा है और उसकी तलाश जारी है।
10वीं-12वीं के प्रदर्शन पर भी सवाल
जांच में यह भी सामने आया है कि ऋषि बिवाल का शैक्षणिक प्रदर्शन पहले से कमजोर रहा है। बताया जा रहा है कि उसने 10वीं में लगभग 44 प्रतिशत अंक हासिल किए थे, जबकि 12वीं में उसे सेकंड डिवीजन मिला था। पासिंग के लिए उसे ग्रेस मार्क्स भी दिए गए थे।
मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी
इस मामले में सीबीआई ने एक अन्य आरोपी मनीषा गुरुनाथ मांधरे को भी गिरफ्तार किया है, जो पुणे की सीनियर बॉटनी टीचर बताई जा रही हैं। आरोप है कि उन्हें NTA द्वारा विशेषज्ञ के रूप में प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया में शामिल किया गया था और उनके पास बॉटनी व जूलॉजी सेक्शन तक पहुंच थी।
जांच जारी
सीबीआई इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और पेपर लीक से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल जारी है।


