नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर गरमाई राजनीति, विपक्ष पर सीएम धामी का तीखा हमला

shikha verma
3 Min Read

उत्तराखंड विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र के दौरान नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर हुई चर्चा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महिलाओं की भूमिका को राष्ट्र निर्माण का आधार बताया। उन्होंने कहा कि बिना नारी शक्ति के किसी भी समाज का समग्र विकास संभव नहीं है और इतिहास में महिलाओं ने हर क्षेत्र में अपनी क्षमता और साहस को साबित किया है।

सीएम धामी ने अपने संबोधन में रानी लक्ष्मीबाई, सावित्रीबाई फुले और कल्पना चावला जैसे महान व्यक्तित्वों का उदाहरण देते हुए कहा कि महिलाओं के सपनों की कोई सीमा नहीं होती। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति केवल सहभागिता तक सीमित नहीं है, बल्कि आज नेतृत्व की भूमिका भी निभा रही है—चाहे सेना हो, वायुसेना हो या अंतरिक्ष मिशन, हर क्षेत्र में महिलाएं अग्रिम मोर्चे पर हैं।

उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध कर ऐतिहासिक अवसर को बाधित किया। सीएम धामी ने कहा कि यह अधिनियम महिलाओं को नीति निर्माण में 33 प्रतिशत आरक्षण देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे बढ़ाया।

अपने संबोधन में धामी ने कहा कि जब भी महिलाओं का अपमान हुआ है, इतिहास ने उसे स्वीकार नहीं किया है। उन्होंने नारी सम्मान को लेकर विपक्ष पर तीखा हमला करते हुए कहा कि देश की आधी आबादी अब समझ चुकी है कि उनके अधिकारों के लिए कौन काम कर रहा है और कौन राजनीति कर रहा है।

सीएम धामी ने यह भी कहा कि महिलाओं के सशक्त होने से समाज और राष्ट्र दोनों की प्रगति होती है। उन्होंने उत्तराखंड आंदोलन और राज्य निर्माण में महिलाओं की भूमिका को भी याद किया और कहा कि बिना मातृशक्ति के राज्य का गठन संभव नहीं था।

सत्र के दौरान उन्होंने परिसीमन से जुड़े सवालों पर भी बात की और कहा कि इससे किसी राज्य के अधिकारों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। अंत में उन्होंने महिलाओं की उपलब्धियों और सशस्त्र बलों में उनकी बढ़ती भूमिका की सराहना की और इसे नए भारत की शक्ति बताया।

Share This Article
Leave a Comment