यूपी कैबिनेट का बड़ा फैसला: खतौनी बिना अब प्रॉपर्टी रजिस्ट्री नहीं, ओला-उबर पर सख्त नियम!

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उत्तर प्रदेश में प्रॉपर्टी और परिवहन से जुड़े बड़े बदलाव किए गए हैं। राज्य की कैबिनेट ने प्रॉपर्टी रजिस्ट्री प्रक्रिया को और अधिक सख्त कर दिया है, जिससे अब धोखाधड़ी करना मुश्किल हो जाएगा।

प्रॉपर्टी रजिस्ट्री में नया नियम

अब किसी भी प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री से पहले बेचने वाले का नाम खतौनी (राजस्व रिकॉर्ड) से मिलाना अनिवार्य होगा। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रॉपर्टी का असली मालिक ही स्टाम्प और रजिस्ट्री करा रहा है।
पहले केवल आधार कार्ड या पहचान पत्र के आधार पर स्टाम्प जारी होता था, लेकिन नए नियम के तहत किसी और की जमीन बेचना लगभग नामुमकिन हो जाएगा।

ओला-उबर पर सख्त नियम

परिवहन क्षेत्र में भी बड़ा बदलाव किया गया है। अब ओला और उबर जैसी कैब कंपनियों को राज्य में अनिवार्य पंजीकरण कराना होगा। बिना राज्य रजिस्ट्रेशन के ये कैब उत्तर प्रदेश में संचालित नहीं हो सकेंगी।

सरकारी कर्मचारियों के लिए निवेश नियम

सरकारी कर्मचारियों की पारदर्शिता बढ़ाने के लिए नए नियम लागू किए गए हैं। अब हर कर्मचारी को सालाना अपनी अचल संपत्ति की घोषणा करना अनिवार्य होगा। इसके अलावा, यदि कोई कर्मचारी अपने 6 महीने के मूल वेतन से अधिक निवेश करता है, तो उसे इसकी सूचना सरकार को देना होगी।

कांशीराम आवास योजना और अन्य फैसले

  • कांशीराम आवास योजना की इमारतों की रंगाई-पुताई कराई जाएगी और ये आवास दलितों के लिए सुरक्षित रहेंगे।
  • अवैध रूप से रहने वाले लोग इन आवासों से हटाए जाएंगे।
  • अयोध्या में स्पोर्ट्स कॉलेज के लिए 2500 स्क्वायर मीटर जमीन आवंटित की जाएगी।
  • प्रदेश के 59,163 ग्रामों को बस सेवा से जोड़ने की योजना, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन सुगम हो।


यूपी सरकार ने प्रॉपर्टी, परिवहन और प्रशासन में सख्त कदम उठाकर धोखाधड़ी रोकने और पारदर्शिता बढ़ाने का फैसला लिया है। अब राज्य में प्रॉपर्टी खरीद-बिक्री और कैब संचालन दोनों ज्यादा सुरक्षित और नियंत्रित हो जाएंगे।

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