7,135 मीटर ऊंचे माउंट नून पर सफल आरोहण, माउंट कुन और डेल्टा-41 भी फतह
कर्नल एसएस राजपुरोहित के नेतृत्व में एनआईएम टीम की ऐतिहासिक पर्वतारोहण उपलब्धि
पायनियर समाचार सेवा। उत्तरकाशी। नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (एनआईएम), उत्तरकाशी ने भारतीय पर्वतारोहण के इतिहास में एक और स्वर्णिम अध्याय जोड़ते हुए लद्दाख के नूनझ्रकुन पर्वत समूह में आयोजित अभियान के दौरान तीन महत्वपूर्ण चोटियों पर सफल आरोहण कर नई उपलब्धि हासिल की है। अभियान दल ने 31 अगस्त को 7,135 मीटर ऊंचे माउंट नून पर सफलतापूर्वक तिरंगा फहराकर संस्थान और देश का गौरव बढ़ाया।
इससे पहले टीम ने 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 7,077 मीटर ऊंचे माउंट कुन पर तथा 26 अगस्त को 5,908 मीटर ऊंची माउंट डेल्टा-41 चोटी पर भी सफल आरोहण किया था। एक ही अभियान में तीन प्रमुख शिखरों पर सफलता को पर्वतारोहण जगत में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। अभियान का नेतृत्व नेहरू पर्वतारोहण संस्थान के प्रधानाचार्य कर्नल एस. एस. राजपुरोहित ने किया। उनके नेतृत्व में टीम ने कठिन मौसम, बफीर्ले ढलानों, ग्लेशियरों और ऊंचाई से जुड़ी चुनौतियों का सामना करते हुए लक्ष्य हासिल किया।
अभियान में सूबेदार भूपिंदर सिंह, सौरव रौतेला, सिपाही तबोंग टागा, रविंद्र रावत, सूर्य रावत और अंशुल गलता शामिल रहे
कर्नल एस. एस. राजपुरोहित ने इस उपलब्धि को टीम की मेहनत, अनुशासन और सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताते हुए कहा कि पर्वतारोहण केवल शिखर तक पहुंचने की चुनौती नहीं, बल्कि धैर्य, साहस और टीम भावना की परीक्षा भी है। उन्होंने कहा कि एक ही अभियान में माउंट कुन, डेल्टा-41 और माउंट नून जैसी महत्वपूर्ण चोटियों पर सफलता एनआईएम के उच्च स्तरीय प्रशिक्षण और भारतीय पर्वतारोहियों की दक्षता का प्रमाण है।
उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि देश के युवाओं को साहसिक खेलों और पर्वतारोहण के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी। साथ ही यह दशार्ती है कि भारतीय पर्वतारोही विश्वस्तरीय चुनौतियों का सामना करने में पूरी तरह सक्षम हैं। एनआईएम प्रबंधन ने अभियान दल को बधाई देते हुए इसे संस्थान की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल किया है। पर्वतारोहण विशेषज्ञों का मानना है कि सीमित समय में तीन अलग-अलग ऊंची चोटियों पर सफल आरोहण टीम की तकनीकी दक्षता, शारीरिक क्षमता और उत्कृष्ट समन्वय का परिचायक है।
यह सफलता उत्तरकाशी स्थित नेहरू पर्वतारोहण संस्थान की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती प्रतिष्ठा को भी मजबूती प्रदान करेगी
स्रोत: www.thehindipioneer.com


