स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में लखनऊ की बड़ी उपलब्धि, महापौर सुषमा खर्कवाल ने वित्त मंत्री और नगर विकास मंत्री से की भेंट

Nikhil Malhotra
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लखनऊ। राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) के तहत आयोजित सिटी लेवल स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 में राजधानी लखनऊ ने देशभर में शानदार प्रदर्शन करते हुए 10 लाख स…

लखनऊ। राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) के तहत आयोजित सिटी लेवल स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 में राजधानी लखनऊ ने देशभर में शानदार प्रदर्शन करते हुए 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में पहला स्थान हासिल किया है। लखनऊ को 200 में से 198 अंक मिले हैं। इसके साथ ही लखनऊ नगर निगम के जोन-4 स्थित वार्ड संख्या 70 ने 30 हजार से अधिक आबादी वाले वार्डों की राष्ट्रीय श्रेणी में भी पहला स्थान हासिल कर राजधानी की उपलब्धि को और खास बना दिया।

इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के बाद लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल ने नगर आयुक्त गौरव कुमार के साथ प्रदेश सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों से शिष्टाचार भेंट की। महापौर ने वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री तथा लखनऊ के प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना से उनके सरकारी आवास पर मुलाकात कर स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में मिली राष्ट्रीय उपलब्धि की जानकारी साझा की और उनका मार्गदर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त किया। इस मुलाकात की पुष्टि ताजा रिपोर्टों में भी हुई है

महापौर ने कहा कि लखनऊ को मिली इस उपलब्धि में सरकार के मार्गदर्शन, नगर निगम की टीम की मेहनत और शहरवासियों के सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और हरित क्षेत्र बढ़ाने से जुड़े अभियानों का भी उल्लेख किया

नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा से भी मिलीं महापौर

इसके बाद महापौर सुषमा खर्कवाल ने नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा से भी शिष्टाचार भेंट की। उन्होंने मंत्री को लखनऊ की राष्ट्रीय उपलब्धि से अवगत कराया और नगर विकास विभाग के निरंतर सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया

महापौर ने कहा कि नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री के मार्गदर्शन और विभागीय सहयोग से लखनऊ नगर निगम स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, कचरा प्रबंधन और वायु गुणवत्ता सुधार के क्षेत्र में लगातार काम कर रहा है

15वीं रैंक से सीधे नंबर-1 तक पहुंचा लखनऊ

लखनऊ की इस उपलब्धि को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि पिछले सर्वेक्षण में शहर 15वें स्थान पर था। इस बार लखनऊ ने 14 पायदान की छलांग लगाते हुए शीर्ष स्थान हासिल किया। दूसरे स्थान पर इंदौर और तीसरे स्थान पर जबलपुर रहे

केंद्र सरकार के अनुसार, स्वच्छ वायु सर्वेक्षण हर वर्ष NCAP के तहत 130 शहरों का आकलन करता है। इसमें शहरों द्वारा प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों पर किए गए नियंत्रण उपायों और City-specific Clean Air Action Plan के क्रियान्वयन को देखा जाता है। वर्ष 2026 के सर्वेक्षण में पहली बार वार्ड स्तर पर भी स्वच्छ वायु प्रबंधन के प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दी गई और देशभर के 7,400 से अधिक वार्डों का आकलन किया गया

सड़क की धूल से लेकर कचरा प्रबंधन तक पर जोर

लखनऊ की रैंकिंग में सुधार के पीछे सड़क की धूल पर नियंत्रण, ठोस कचरा प्रबंधन, वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने, हरित क्षेत्र बढ़ाने और स्वच्छता व्यवस्था में सुधार जैसे उपायों को महत्वपूर्ण माना गया है। रिपोर्टों के अनुसार, नगर निगम ने मैकेनाइज्ड स्वीपिंग, पानी के छिड़काव, सड़क सुधार और वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन जैसे उपायों पर जोर दिया है

आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, NCAP के तहत वर्ष 2025-26 में देश के 108 शहरों में 2017-18 की तुलना में वार्षिक PM10 स्तर में कमी दर्ज की गई। इनमें 72 शहरों में 20 प्रतिशत से अधिक और 26 शहरों में 40 प्रतिशत से अधिक कमी दर्ज की गई

लखनऊ को 1.50 करोड़, वार्ड-70 को 50 लाख का पुरस्कार

स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 में लखनऊ के शीर्ष स्थान पर रहने के साथ नगर निगम को 1.50 करोड़ रुपये का पुरस्कार मिला है। वहीं 30 हजार से अधिक आबादी वाले वार्डों की श्रेणी में प्रथम स्थान हासिल करने वाले वार्ड-70 को 50 लाख रुपये का पुरस्कार दिया गया

महापौर ने इस सफलता को केवल नगर निगम की उपलब्धि न बताते हुए इसे पूरे लखनऊ की जनता की सामूहिक जीत बताया। उन्होंने पार्षदों, अधिकारियों, कर्मचारियों, सफाई मित्रों और शहरवासियों के सहयोग के लिए आभार जताया

उन्होंने कहा कि लखनऊ को मिली राष्ट्रीय पहचान के बाद नगर निगम की जिम्मेदारी और बढ़ गई है। आने वाले समय में स्वच्छता, हरित क्षेत्र, कचरा प्रबंधन और वायु प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े प्रयासों को और गति दी जाएगी, ताकि राजधानी को स्वच्छ, हरित और बेहतर रहने योग्य शहर के रूप में आगे बढ़ाया जा सके

स्रोत: readnownews.in

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