सहारनपुर कार्रवाई पर घमासान, अखिलेश यादव के आरोपों पर बीजेपी नेताओं ने खोला मोर्चा

shikha verma
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 समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा सहारनपुर में हुई कार्रवाई को लेकर लगाए गए आरोपों पर भाजपा नेताओं ने तीखा पलटवार किया है। योगी सरकार के मंत्रियों और भाजपा नेताओं ने कहा कि सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित संबंधित ढांचा सरकारी जमीन पर अनधिकृत निर्माण था और उसके खिलाफ कार्रवाई न्यायालय के आदेश के अनुपालन में की गई।

कोर्ट के आदेश पर हुई कार्रवाई, आपत्ति है तो न्यायालय जाए सपा: अनिल राजभर

कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने सहारनपुर मामले पर कहा कि प्रशासन ने माननीय न्यायालय के आदेश का अनुपालन सुनिश्चित किया है। उन्होंने कहा कि यदि समाजवादी पार्टी इस मामले को लेकर गंभीर है और उसे कार्रवाई पर आपत्ति है, तो उसके नेताओं को न्यायालय का रुख करना चाहिए और आदेश के खिलाफ अपील करनी चाहिए।

अनिल राजभर ने कहा कि केवल आरोपों और बयानों के आधार पर जनता को गुमराह करने का प्रयास नहीं होना चाहिए। उन्होंने सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी लंबे समय से सत्ता से बाहर है और उसकी राजनीतिक परेशानी समझी जा सकती है, लेकिन ऐसे बयान नहीं दिए जाने चाहिए, जिनसे जनता का भरोसा राजनीतिक दलों के बयानों से उठने लगे।

अवैध ढांचे के बहाने धार्मिक उन्माद फैलाने की कोशिश: भूपेंद्र चौधरी

कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी सहारनपुर में अवैध निर्माण के मुद्दे को धार्मिक रंग देकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि कार्रवाई किसी धर्म विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि सरकारी जमीन पर हुए कथित अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ की गई है।

भूपेंद्र चौधरी के मुताबिक प्रशासन ने यह कार्रवाई मनमाने तरीके से नहीं की, बल्कि न्यायालय के आदेश के बाद कानूनी प्रक्रिया के तहत कदम उठाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा वोट बैंक की राजनीति के चलते अवैध अतिक्रमण का बचाव कर रही है और मामले को धार्मिक मुद्दा बनाने का प्रयास कर रही है।

अखिलेश यादव गलत नैरेटिव गढ़ रहे हैं: बृजलाल

राज्यसभा सदस्य बृजलाल ने भी अखिलेश यादव के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह लगातार गलत नैरेटिव गढ़ने का प्रयास करते हैं। उन्होंने दावा किया कि सहारनपुर में संबंधित ढांचा सरकारी जमीन पर था और उसे हटाने की कार्रवाई प्रशासन के मनमाने फैसले के बजाय न्यायिक प्रक्रिया के तहत हुई।

बृजलाल ने कहा कि मामला पहले सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में गया और इसके बाद न्यायिक स्तर पर भी इसकी सुनवाई हुई। जिला जज की अदालत के निर्णय के बाद सरकारी जमीन पर बने ढांचे को हटाया गया। उन्होंने कहा कि जब कार्रवाई न्यायालय के आदेश के तहत हुई है, तो इस मामले में लोगों को भ्रमित करने वाला राजनीतिक नैरेटिव नहीं बनाया जाना चाहिए।

असीम अरुण ने बुद्ध से जुड़े जिलों के नाम बदलने का मुद्दा उठाया

राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार असीम अरुण ने अखिलेश यादव के भगवान बुद्ध के प्रति कथित प्रेम पर सवाल उठाते हुए उनके मुख्यमंत्री कार्यकाल का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव के कार्यकाल में भगवान बुद्ध से जुड़े जिलों के नाम बदले गए थे।

असीम अरुण ने कहा कि महामाया भगवान बुद्ध की माता थीं और उनके नाम पर बने महामाया नगर का नाम बदल दिया गया। उन्होंने पंचशील नगर और प्रबुद्ध नगर के नाम बदले जाने का भी उल्लेख किया। उनका कहना था कि आज जब उत्तर प्रदेश की जनता ने समाजवादी पार्टी को सत्ता से बाहर कर दिया है, तब उसे भगवान बुद्ध की याद आ रही है।

कलेक्ट्रेट परिसर की इमारत अनधिकृत थी: दिनेश सिंह

प्रदेश के मुख्य भाजपा प्रवक्ता दिनेश सिंह ने कहा कि सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में बनी संबंधित इमारत पूरी तरह अनधिकृत थी और प्रशासन ने न्यायालय के आदेश का अनुपालन किया है।

उन्होंने अखिलेश यादव और विपक्ष पर मामले का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाते हुए कहा कि इस मुद्दे के जरिए धार्मिक उन्माद पैदा करने की कोशिश की जा रही है। दिनेश सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार है और किसी को भी धार्मिक उन्माद पैदा करने का अवसर नहीं दिया जाएगा।

इस तरह सहारनपुर की कार्रवाई को लेकर भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। जहां अखिलेश यादव ने कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए हैं, वहीं भाजपा नेताओं का कहना है कि प्रशासन ने न्यायालय के आदेश के तहत कानूनी प्रक्रिया का पालन किया है।

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