वायरल वीडियो से पुलिस हिरासत तक, कौन हैं स्वतंत्र भारद्वाज? नेताओं संग तस्वीरों से लेकर सोशल मीडिया दावों तक

shikha verma
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सोशल मीडिया पर हिंदुत्व से जुड़े पोस्ट और राजनीतिक हस्तियों के साथ तस्वीरों को लेकर चर्चा में रहने वाले स्वतंत्र भारद्वाज को दिल्ली पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया है। एक वायरल वीडियो में कथित तौर पर एक प्रदर्शनकारी के पिता के साथ मारपीट करने का दावा किए जाने के बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की। कोर्ट में पेश किए जाने के बाद भारद्वाज को एक दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।

पुलिस अब उससे वायरल वीडियो और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं को लेकर पूछताछ कर रही है। इस मामले के सामने आने के बाद स्वतंत्र भारद्वाज की सोशल मीडिया गतिविधियां, नेताओं के साथ उनकी तस्वीरें और सरकारी कार्यक्रमों से जुड़े निमंत्रण भी चर्चा में आ गए हैं।

वायरल वीडियो के बाद पुलिस ने लिया हिरासत में

स्वतंत्र भारद्वाज उस समय सुर्खियों में आए, जब एक इंटरव्यू की कथित वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई। इसमें वह एक प्रदर्शनकारी के पिता के साथ मारपीट करने का दावा करते हुए नजर आया।

वायरल क्लिप में कथित तौर पर भारद्वाज ने दावा किया कि मारपीट में व्यक्ति के सिर पर गंभीर चोट आई और उसे कई टांके लगे। उसने यह भी कहा कि घटना के बावजूद उसे जेल नहीं भेजा गया।

वीडियो सामने आने के बाद उसके खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज हो गई। दिल्ली पुलिस ने मामले की जांच शुरू करते हुए उसकी तलाश के लिए टीमों को लगाया। बाद में उसे बुलंदशहर से हिरासत में लिया गया।

सोशल मीडिया पर बनाई थी अलग पहचान

स्वतंत्र भारद्वाज सोशल मीडिया पर खुद को ‘सनातन योद्धा’ के तौर पर पेश करता रहा है। उसके सोशल मीडिया अकाउंट्स पर हिंदुत्व, गौ-रक्षा और राजनीतिक मुद्दों से जुड़ी कई पोस्ट दिखाई देती हैं।

उसके फेसबुक पेज पर बड़ी संख्या में फॉलोअर्स हैं। इसके अलावा इंस्टाग्राम और एक्स पर भी उसकी सक्रियता रही है। अपने पोस्ट और वीडियो में वह अक्सर राजनीतिक मुद्दों पर टिप्पणी करता और अपनी राजनीतिक पहुंच का जिक्र करता नजर आया है।

हालांकि, सोशल मीडिया पर किए गए उसके दावों की स्वतंत्र पुष्टि हर मामले में नहीं हुई है।

नेताओं के साथ तस्वीरें और सरकारी कार्यक्रमों के निमंत्रण

भारद्वाज ने सोशल मीडिया पर कई राजनीतिक नेताओं के साथ अपनी तस्वीरें भी साझा की हैं। इनमें केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान, दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी समेत अन्य नेताओं के साथ तस्वीरें शामिल हैं।

उसने लाल किले पर आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह से जुड़ी तस्वीरें और एक सरकारी निमंत्रण-पत्र भी सोशल मीडिया पर साझा किया था। इसके अलावा जून 2024 में नरेंद्र मोदी सरकार के शपथ ग्रहण समारोह से जुड़े निमंत्रण पत्रों की तस्वीरें भी उसके सोशल मीडिया अकाउंट पर दिखाई दी थीं।

चिराग पासवान ने नजदीकी के दावे को खारिज किया

मामले के सामने आने के बाद केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने स्वतंत्र भारद्वाज से किसी विशेष नजदीकी के दावे को खारिज किया। उन्होंने कहा कि भारद्वाज ने उनके और अन्य नेताओं के नाम का इस्तेमाल किया है।

पासवान के मुताबिक, उन्होंने भारद्वाज के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है और मामले में कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने यह भी कहा कि कथित हमले के मामले में कार्रवाई नहीं होना गलत संदेश देगा और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे।

‘मुझे नेताओं का समर्थन हासिल है’ का दावा

वायरल वीडियो में स्वतंत्र भारद्वाज ने कथित तौर पर कई नेताओं का नाम लेते हुए दावा किया कि उसे राजनीतिक समर्थन प्राप्त है। उसने कपिल मिश्रा, चिराग पासवान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर भी अपने करीबी होने का दावा किया।

हालांकि, इन दावों के समर्थन में कोई स्वतंत्र प्रमाण सामने नहीं आया है। संबंधित नेताओं की ओर से भी ऐसे दावों को स्वीकार किए जाने की पुष्टि नहीं हुई है।

इंस्टाग्राम अकाउंट पर भी कार्रवाई

वायरल विवाद के बीच स्वतंत्र भारद्वाज का इंस्टाग्राम अकाउंट भी बैन किए जाने की जानकारी सामने आई। उसके अकाउंट पर बड़ी संख्या में फॉलोअर्स बताए जाते हैं। एक्स पर उसका एक वेरिफाइड अकाउंट भी है, जहां वह खुद को धर्म और राष्ट्र के खिलाफ किसी भी बात को बर्दाश्त न करने वाला युवा बताता रहा है।

उसके सोशल मीडिया अकाउंट्स पर कुछ ऐसी तस्वीरें और पोस्ट भी सामने आई हैं, जिनकी प्रामाणिकता या निर्माण के तरीके को लेकर सवाल उठाए गए हैं। कुछ पोस्ट में धार्मिक और सामुदायिक मुद्दों पर तीखी भाषा का इस्तेमाल किया गया है।

पुराने वीडियो भी हुए वायरल

हमले से जुड़े वीडियो के सामने आने के बाद स्वतंत्र भारद्वाज के पुराने वीडियो और पोस्ट भी सोशल मीडिया पर दोबारा चर्चा में आ गए। इनमें कुछ वीडियो में वह मुस्लिम समुदाय और सरकार के आलोचकों को लेकर आक्रामक टिप्पणियां करता नजर आता है।

कुछ अन्य वीडियो में वह अपनी राजनीतिक पहुंच और प्रभाव का जिक्र करता दिखाई देता है। इन बयानों के आधार पर सोशल मीडिया पर उसके खिलाफ कार्रवाई की मांग भी तेज हुई।

पुलिस हिरासत में अब होगी पूछताछ

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, वायरल वीडियो और कथित मारपीट के मामले की जांच के तहत स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे एक दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।

अब पुलिस वायरल वीडियो की सत्यता, कथित घटना में उसकी भूमिका और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच करेगी। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।

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