उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले भारतीय जनता पार्टी ने संगठन को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। पार्टी ने कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र की नई क्षेत्रीय कार्यसमिति का ऐलान कर दिया है। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की सहमति के बाद घोषित की गई 38 सदस्यीय नई टीम में 21 नए चेहरों को जगह दी गई है।
नई कार्यसमिति में सामाजिक और जातीय समीकरणों का भी खास ध्यान रखा गया है। टीम में OBC वर्ग से 14, ब्राह्मण समाज से 10, क्षत्रिय वर्ग से 4, वैश्य और कायस्थ समाज से एक-एक, अल्पसंख्यक वर्ग से 2, अनुसूचित जाति से 5 और अनुसूचित जनजाति से एक नेता को शामिल किया गया है। क्षेत्रीय अध्यक्ष और क्षेत्रीय प्रभारी भी OBC वर्ग से हैं।
10 क्षेत्रीय उपाध्यक्ष, 8 नए चेहरे
बीजेपी ने नरेंद्र राजपूत, भुवन प्रकाश गुप्ता, अशोक राजपूत, नीतू सिंह, पवन प्रताप सिंह, अखिलेश नाथ दीक्षित, आशीष कोल, अर्चना त्रिपाठी, अमित समाधिया और अरविंद मुखिया को क्षेत्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी है।
इनमें आठ चेहरे ऐसे हैं, जिन्हें पहली बार यह जिम्मेदारी मिली है। अशोक राजपूत पहले भी क्षेत्रीय उपाध्यक्ष रह चुके हैं, जबकि पवन प्रताप सिंह पिछली कार्यसमिति में क्षेत्रीय मंत्री की भूमिका में थे।
क्षेत्रीय महामंत्री के चार पदों पर आनंद सिंह, आदित्य त्रिवेदी, शिव सिंह भारती और राजेश पटेल को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इनमें तीन नए चेहरे शामिल हैं।
आदित्य त्रिवेदी को बड़ी जिम्मेदारी
नई टीम में आदित्य त्रिवेदी को क्षेत्रीय महामंत्री बनाया जाना चर्चा का प्रमुख विषय है। कानपुर के बर्रा-2 निवासी त्रिवेदी लंबे समय तक दिल्ली में बीजेपी संगठन से जुड़े रहे हैं और पार्टी के भीतर उन्हें केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के करीबी सहयोगी के तौर पर जाना जाता है।
करीब 15 साल दिल्ली में रहने के बाद उन्होंने कानपुर के रतनलाल नगर में अपना निवास बनाया। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि आदित्य त्रिवेदी कानपुर की किदवई नगर विधानसभा सीट से चुनावी तैयारी कर रहे हैं। ऐसे में संगठन में उन्हें मिली नई जिम्मेदारी को कानपुर में उनकी बढ़ती राजनीतिक भूमिका से जोड़कर देखा जा रहा है।
नीतू सिंह की एंट्री भी अहम
क्षेत्रीय उपाध्यक्ष बनाई गईं नीतू सिंह भी नई टीम में महत्वपूर्ण नाम हैं। वह कानपुर के पूर्व सांसद सत्यदेव पचौरी की बेटी और बैरिस्टर वीरेंद्रजीत सिंह परिवार की बहू हैं। उनका परिवार लंबे समय से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ा रहा है।
नीतू सिंह का नाम पहले भी 2023 के नगर निगम चुनाव और 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान संभावित उम्मीदवारों के तौर पर चर्चा में रहा था। 2024 में कानपुर लोकसभा सीट के लिए भी उनके नाम पर चर्चा हुई थी, हालांकि बीजेपी ने रमेश अवस्थी को उम्मीदवार बनाया था।


