उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में समूह ‘ख’ के अधिकारियों की नियमित भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद नवचयनित 40 अधिकारियों ने मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने सभी चयनित अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि लंबे अंतराल के बाद हुई इस भर्ती से प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की कार्यक्षमता को मजबूती मिलेगी और प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यों को नई गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य सरकारी सेवाओं में ऐसी चयन व्यवस्था को मजबूत करना है, जिसमें पारदर्शिता के साथ योग्यता को सर्वोच्च प्राथमिकता मिले। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में लागू की गई संशोधित भर्ती प्रक्रिया इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
पर्यावरण संरक्षण में अधिकारियों की अहम भूमिका
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की जिम्मेदारी सीधे प्रदेश के पर्यावरण और नागरिकों के स्वस्थ जीवन से जुड़ी हुई है। ऐसे में नवचयनित अधिकारी अपनी तकनीकी दक्षता का इस्तेमाल पूरी जिम्मेदारी, संवेदनशीलता और ईमानदारी के साथ करें।
उन्होंने अधिकारियों को प्रशिक्षण को गंभीरता से लेने के साथ-साथ विभागीय कार्यप्रणाली और जमीनी स्तर पर आने वाली चुनौतियों को समझने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीकी ज्ञान के साथ मैदानी अनुभव भी प्रभावी प्रशासन के लिए जरूरी है।
40 अधिकारियों का हुआ चयन, 8 महिलाएं भी शामिल
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में समूह ‘ख’ के कुल 40 पदों पर चयन हुआ है। इनमें 26 सहायक पर्यावरण अभियंता और 14 सहायक वैज्ञानिक अधिकारी शामिल हैं।
चयनित अधिकारियों में 21 विभिन्न आईआईटी से शिक्षित हैं, जबकि अन्य अधिकारियों ने देश और प्रदेश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों से शिक्षा प्राप्त की है। चयनित 40 अधिकारियों में 8 महिला अधिकारी भी शामिल हैं।


