जयंत चौधरी पर अखिलेश के बयान से गरमाई सियासत, ब्रजेश पाठक ने साधा निशाना

shikha verma
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समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव के ‘चवन्नी-अठन्नी’ वाले बयान को लेकर उत्तर प्रदेश की सियासत में बयानबाजी तेज हो गई है। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा राजनीतिक रूप से दिग्भ्रमित है और उसे सत्ता में वापसी का रास्ता नजर नहीं आ रहा।

ब्रजेश पाठक ने अखिलेश यादव के जयंत चौधरी को लेकर दिए गए बयान पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन भाषा की मर्यादा बनाए रखना जरूरी है। पाठक के मुताबिक, इस तरह की टिप्पणी को केवल जयंत चौधरी तक सीमित नहीं देखा जा सकता, बल्कि इससे किसानों और जाट समाज की भावनाएं भी जुड़ी हैं।

‘सपा को सत्ता में वापसी का रास्ता नहीं सूझ रहा’

ब्रजेश पाठक ने कहा कि समाजवादी पार्टी फिलहाल राजनीतिक असमंजस की स्थिति में है। उन्होंने सवाल उठाया कि सपा अपने शासन और काम के आधार पर जनता से वोट क्यों नहीं मांगती।

उन्होंने दावा किया कि पार्टी को अपने पुराने शासनकाल की छवि का डर है, इसलिए वह अपने काम के बजाय दूसरे दलों और नेताओं को निशाना बना रही है।

सपा सरकार पर कानून-व्यवस्था को लेकर हमला

उपमुख्यमंत्री ने सपा के पूर्व शासनकाल पर कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सपा सरकार के दौरान प्रदेश में अपराध और दंगों की स्थिति को लेकर लगातार सवाल उठते रहे।

पाठक ने दावा किया कि उस दौर में उत्तर प्रदेश की छवि एक पिछड़े राज्य के तौर पर बनी थी, जबकि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में प्रदेश की आर्थिक और प्रशासनिक स्थिति में सुधार हुआ है।

उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में सड़क, बिजली और इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में बड़े स्तर पर काम हुआ है। एयरपोर्ट, रेल और सड़क नेटवर्क के विस्तार के साथ प्रदेश में निवेश के अवसर भी बढ़े हैं।

‘सपा अपने नाम पर वोट क्यों नहीं मांगती?’

ब्रजेश पाठक ने कहा कि समाजवादी पार्टी को अगर अपने काम पर भरोसा है तो उसे अपने नाम और पिछले शासन के रिकॉर्ड पर चुनाव लड़ना चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि सपा के पास जनता के सामने रखने के लिए कोई स्पष्ट उपलब्धि नहीं है, इसलिए पार्टी लगातार भाजपा सरकार पर हमलावर रहती है। पाठक ने कहा कि उत्तर प्रदेश का युवा अब विकास, रोजगार और निवेश के अवसरों को प्राथमिकता दे रहा है।

‘चवन्नी-अठन्नी’ बयान पर अखिलेश को घेरा

अखिलेश यादव के जयंत चौधरी को लेकर दिए गए ‘चवन्नी-अठन्नी’ वाले बयान पर ब्रजेश पाठक ने कहा कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद नेताओं के प्रति सम्मानजनक भाषा का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।

उन्होंने चौधरी चरण सिंह और अजीत सिंह का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों नेताओं ने किसानों के मुद्दों को लेकर लंबे समय तक राजनीति की। ऐसे में जयंत चौधरी के लिए इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल उचित नहीं है।

पाठक ने आरोप लगाया कि यह टिप्पणी सिर्फ जयंत चौधरी तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों, जाट समाज और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों की भावनाओं से भी जुड़ी है।

कांग्रेस पर भी साधा निशाना

ब्रजेश पाठक ने कांग्रेस पर ‘वंदे मातरम’ को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने राजनीतिक कारणों से समय-समय पर वंदे मातरम के मुद्दे पर अपना रुख बदला।

उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में वंदे मातरम की भूमिका का जिक्र करते हुए कहा कि जिन स्वतंत्रता सेनानियों ने देश की आजादी के लिए बलिदान दिया, उनके योगदान और राष्ट्र से जुड़े प्रतीकों का सम्मान किया जाना चाहिए।

गंगा और पर्यावरण को लेकर सरकार की उपलब्धियां गिनाईं

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि योगी सरकार गंगा, गाय और पर्यावरण संरक्षण के लिए काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में निवेश बढ़ रहा है और विकास परियोजनाओं को गति मिली है।

पाठक ने अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा कि विपक्ष को सरकार की उपलब्धियां दिखाई नहीं देतीं, जबकि प्रदेश में बुनियादी ढांचे और कानून-व्यवस्था के क्षेत्र में बदलाव हुए हैं।

लोहिया के नाम पर परिवारवाद का आरोप

ब्रजेश पाठक ने समाजवादी विचारक राम मनोहर लोहिया के विचारों का हवाला देते हुए अखिलेश यादव पर परिवारवाद को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि लोहिया परिवारवाद की राजनीति के खिलाफ थे, लेकिन आज समाजवादी पार्टी पर परिवार केंद्रित राजनीति के आरोप लग रहे हैं।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में विकास, निवेश और कानून-व्यवस्था के मुद्दों पर सरकार आगे बढ़ रही है। वहीं, विपक्ष को जनता के बीच इन मुद्दों का जवाब देना पड़ रहा है।

अखिलेश यादव के ‘चवन्नी-अठन्नी’ बयान पर ब्रजेश पाठक की प्रतिक्रिया के बाद यूपी की सियासत में इस मुद्दे पर जुबानी जंग और तेज होने के आसार हैं।

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