खड़गे के मंच के शुद्धिकरण से गरमाई सियासत, कांग्रेस ने कार्रवाई की मांग की

shikha verma
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उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस की विजय शंखनाद रैली के बाद मंच के कथित शुद्धिकरण को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस ने हिन्दू संगठनों की ओर से किए गए पूजा-पाठ और यज्ञ पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे जातिगत भेदभाव और दलितों के अपमान से जोड़कर देखा है। पार्टी ने मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

खड़गे की रैली के बाद हुआ पूजा-पाठ और यज्ञ

8 अगस्त को हल्द्वानी में कांग्रेस की विजय शंखनाद सभा आयोजित की गई थी। इसमें कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए थे।

रैली समाप्त होने के बाद हिन्दू संगठन श्रीराम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास से जुड़े लोगों ने उस मैदान और मंच पर पूजा-पाठ, वैदिक मंत्रोच्चारण और यज्ञ किया। संगठन की ओर से दावा किया गया कि इस स्थान पर लंबे समय से हिन्दू धार्मिक कार्यक्रम और रामलीला आयोजित होती रही है।

संगठन के लोगों ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की सभा के दौरान मंच से इस्लामिक नारे लगाए गए थे, जिसके कारण स्थल की धार्मिक पवित्रता प्रभावित हुई। इसी के बाद शुद्धिकरण की प्रक्रिया किए जाने की बात सामने आई।

कांग्रेस ने जताई कड़ी नाराजगी

उत्तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए आरोप लगाया कि खड़गे के संबोधन वाले मंच का ‘शुद्धिकरण’ किया जाना बेहद आपत्तिजनक है।

गोदियाल ने इसे जातिगत भेदभाव और संकीर्ण मानसिकता से जोड़ते हुए कहा कि लोकतांत्रिक भारत में जाति के आधार पर भेदभाव के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने नैनीताल के एसएसपी से मामले का संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच करने और कानून का उल्लंघन पाए जाने पर उचित कार्रवाई की मांग की।

कांग्रेस ने बीजेपी से जुड़े लोगों पर लगाया आरोप

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि इस घटना के पीछे बीजेपी से जुड़े लोगों की भूमिका है। हालांकि, यह एक राजनीतिक आरोप है और मामले में संबंधित पक्ष का पक्ष तथा पुलिस जांच के आधिकारिक निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे।

कांग्रेस का कहना है कि इस तरह की घटनाएं समाज में विभाजन और द्वेष को बढ़ावा देती हैं। पार्टी ने स्पष्ट किया कि वह संवैधानिक और लोकतांत्रिक तरीके से जातिगत भेदभाव की मानसिकता का विरोध करेगी।

फिलहाल, हल्द्वानी में रैली के बाद मंच के शुद्धिकरण को लेकर शुरू हुआ यह विवाद राजनीतिक बयानबाजी का मुद्दा बन गया है। मामले में पुलिस की ओर से जांच या कार्रवाई के बाद तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।

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