योगी सरकार का भूमाफियाओं पर बड़ा एक्शन, 2.08 लाख एकड़ से ज्यादा जमीन कब्जामुक्त कराने का दावा

shikha verma
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उत्तर प्रदेश में सरकारी और सार्वजनिक जमीनों पर अवैध कब्जे के खिलाफ योगी सरकार का एंटी भू-माफिया अभियान जारी है। राजस्व विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, बीते साढ़े नौ वर्षों में प्रदेश में 84,005 हेक्टेयर से अधिक जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त कराया गया है। यह क्षेत्रफल करीब 2.08 लाख एकड़ के बराबर बताया गया है।

सरकार के मुताबिक, अभियान के तहत केवल जमीन को कब्जामुक्त कराने पर ही जोर नहीं दिया गया, बल्कि ऑनलाइन शिकायतों की निगरानी, मुकदमों की पैरवी और चिह्नित भूमाफियाओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की गई है।

चार स्तरों पर बनी एंटी भू-माफिया टास्क फोर्स

राजस्व विभाग के अनुसार, अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई को प्रभावी बनाने के लिए राज्य, मंडल, जिला और तहसील स्तर पर चार स्तरीय एंटी भू-माफिया टास्क फोर्स गठित की गई है।

इन टीमों का काम अवैध कब्जों की पहचान करने से लेकर जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने तक की कार्रवाई करना है। शिकायतों को ऑनलाइन दर्ज करने और उन पर हुई कार्रवाई की निगरानी के लिए एंटी भू-माफिया पोर्टल भी बनाया गया है।

4.34 लाख से ज्यादा शिकायतें मिलीं

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, एंटी भू-माफिया पोर्टल पर अब तक 4,34,016 शिकायतें दर्ज की गई हैं। इनमें से 4,31,697 शिकायतों, यानी 99 फीसदी से ज्यादा मामलों का निस्तारण किए जाने का दावा किया गया है।

फिलहाल 2,319 शिकायतें लंबित बताई गई हैं। ऑनलाइन व्यवस्था के जरिए शिकायतों की स्थिति और उनके निस्तारण की प्रक्रिया पर नजर रखने की व्यवस्था की गई है।

2 लाख एकड़ से ज्यादा जमीन हुई कब्जामुक्त

अभियान के तहत 84,005 हेक्टेयर से अधिक भूमि को अवैध अतिक्रमण से मुक्त कराने का दावा किया गया है। यह लगभग 2.08 लाख एकड़ जमीन के बराबर है।

सरकार का कहना है कि कब्जामुक्त कराई गई सरकारी भूमि को विकास परियोजनाओं के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे प्रदेश में एक बड़ा लैंडबैंक तैयार करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

भूमाफियाओं के खिलाफ दर्ज हुए केस

राजस्व विभाग के अनुसार, अवैध कब्जों के मामलों में प्रशासनिक कार्रवाई के साथ कानूनी कार्रवाई भी की गई है। अभियान के तहत 25,068 राजस्व वाद, 1,168 सिविल वाद और 4,751 एफआईआर दर्ज किए जाने की जानकारी दी गई है।

वहीं, 1,413 अतिक्रमणकर्ताओं को भूमाफिया के रूप में चिह्नित किया गया है। इनमें से 144 के जेल में होने की बात सरकारी आंकड़ों में कही गई है।

अलग-अलग कानूनों के तहत कार्रवाई

अधिकारियों के मुताबिक, अतिक्रमण और आपराधिक गतिविधियों से जुड़े मामलों में अलग-अलग कानूनी प्रावधानों के तहत भी कार्रवाई की गई। इनमें गैंगस्टर एक्ट, गुंडा एक्ट, राष्ट्रीय सुरक्षा कानून समेत अन्य धाराओं के तहत की गई कार्रवाई शामिल है।

उद्योग और रोजगार के लिए इस्तेमाल हो सकती है जमीन

सरकार का कहना है कि अतिक्रमण मुक्त सरकारी जमीन का व्यवस्थित तरीके से इस्तेमाल औद्योगिक निवेश और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए किया जा सकता है।

इन जमीनों को औद्योगिक इकाइयों, मैन्युफैक्चरिंग और फार्मास्युटिकल प्रोजेक्ट्स, लॉजिस्टिक पार्क, विश्वविद्यालय, मेडिकल कॉलेज और अन्य विकास योजनाओं के लिए उपलब्ध कराया जा सकता है।

सरकार के मुताबिक, इससे निवेश के लिए जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आसान होगी और प्रदेश में रोजगार के नए अवसर पैदा करने में भी मदद मिल सकती है।

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