पुरानी दिल्ली के ऐतिहासिक स्वरूप को संरक्षित रखते हुए उसे आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में दिल्ली सरकार ने नई पहल शुरू की है। चांदनी चौक के सफल पुनर्विकास के बाद अब जामा मस्जिद और आसपास के विरासत क्षेत्रों को हेरिटेज कॉरिडोर के रूप में विकसित करने की योजना पर विचार किया जा रहा है।
प्रस्तावित योजना में पैदल यात्रियों के लिए बेहतर सुविधाएं, सार्वजनिक स्थलों का सौंदर्यीकरण, यातायात व्यवस्था में सुधार और बुनियादी सुविधाओं को आधुनिक बनाने जैसे कार्य शामिल हैं।
चांदनी चौक मॉडल का होगा विस्तार
अधिकारियों के अनुसार, सरकार पैदल यात्री अनुकूल कॉरिडोर के अगले चरण को आगे बढ़ाने की तैयारी कर रही है। यह परियोजना वर्ष 2021 में लाल जैन मंदिर से फतेहपुरी मस्जिद तक विकसित किए गए करीब 1.3 किलोमीटर लंबे चांदनी चौक कॉरिडोर के मॉडल पर आधारित होगी।
अब इसी तर्ज पर जामा मस्जिद और आसपास के अन्य ऐतिहासिक क्षेत्रों में सुविधाओं का विस्तार करने की योजना बनाई जा रही है।
जामा मस्जिद क्षेत्र के सौंदर्यीकरण पर जोर
योजना के तहत जामा मस्जिद परिसर के आसपास के क्षेत्र के सौंदर्यीकरण, शाही इमाम रोड के सुधार, मीना बाजार की इमारतों के बाहरी स्वरूप को बेहतर बनाने और जनाना पार्क, उर्दू पार्क तथा दंगल पार्क जैसे सार्वजनिक स्थलों के पुनरोद्धार पर विचार किया जा रहा है।
इसके अलावा क्षेत्र में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और भूमिगत उपयोगिता सेवाओं को आधुनिक बनाने का भी प्रस्ताव है।
चार प्रमुख परियोजनाओं पर चल रहा मंथन
इन प्रस्तावों पर हाल ही में इंद्रप्रस्थ विरासत पुनर्विकास निगम की बैठक में चर्चा की गई। यह एजेंसी पुरानी दिल्ली के ऐतिहासिक क्षेत्रों के संरक्षण और पुनर्विकास से जुड़े कार्यों का समन्वय करती है।
अधिकारियों के मुताबिक, सभी योजनाओं को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। इसका उद्देश्य केवल ऐतिहासिक इमारतों का संरक्षण करना नहीं, बल्कि स्थानीय निवासियों और पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना भी है।
जामा मस्जिद तक बढ़ सकता है हेरिटेज कॉरिडोर
प्रस्तावित योजना के तहत मौजूदा चांदनी चौक कॉरिडोर को जामा मस्जिद और आसपास के प्रमुख बाजारों से जोड़ने पर विचार किया जा रहा है। इसमें सड़कों को हेरिटेज लुक देने, भूमिगत बिजली एवं अन्य सेवाओं की व्यवस्था करने तथा पैदल यात्रियों और वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित करने पर जोर रहेगा।
पूरे पुनर्विकास कार्यक्रम का उद्देश्य पुरानी दिल्ली की ऐतिहासिक पहचान को बनाए रखते हुए स्वच्छता, पर्यटन सुविधाओं और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाना है।
रेहड़ी-पटरी दुकानदारों ने पुनर्विकास का किया स्वागत
जामा मस्जिद स्थित मीना बाजार के कई रेहड़ी-पटरी दुकानदारों ने क्षेत्र के विकास की योजना का स्वागत किया है, लेकिन उन्होंने अपनी आजीविका को लेकर चिंता भी जताई है।
दुकानदारों का कहना है कि पुनर्विकास के दौरान वर्षों से काम कर रहे छोटे व्यापारियों के हितों का भी ध्यान रखा जाना चाहिए, ताकि विकास कार्यों के साथ उनकी रोजी-रोटी प्रभावित न हो।
स्थानीय दुकानदारों ने मांग की है कि पुनर्विकास योजना में उनके लिए भी उचित स्थान और व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे पुरानी दिल्ली का विकास विरासत संरक्षण और स्थानीय लोगों के हितों के संतुलन के साथ हो सके।


