मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाए हैं। मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के क्रियान्वयन में रिकॉर्ड प्रगति दर्ज की गई है।
बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के लिए योजना शुरू होने के मात्र 22 दिनों के भीतर 5.23 लाख से अधिक शिक्षक-कार्मिकों की ई-केवाईसी पूरी कर ली गई है। वहीं, उच्च शिक्षा विभाग में योजना लागू होने के सिर्फ चार दिनों में करीब 47 प्रतिशत पात्र लाभार्थियों का ई-केवाईसी पूरा हो चुका है। ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी होने के बाद लाभार्थियों को सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध होगी।
कम समय में तेज क्रियान्वयन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा के शीतकालीन सत्र में 20 फरवरी 2026 को शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की घोषणा की थी। इसके बाद प्रदेश सरकार ने योजना का प्रारूप तैयार करने, पोर्टल विकसित करने, अस्पतालों को सूचीबद्ध करने और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया।
घोषणा के मात्र 138 दिनों के भीतर 8 जुलाई को वाराणसी से बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के लिए योजना का शुभारंभ किया गया। इसके बाद 26 जुलाई को आगरा से उच्च शिक्षा विभाग को भी योजना के दायरे में शामिल कर लिया गया। कम समय में हुई यह प्रगति योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और शासन स्तर पर लगातार निगरानी का परिणाम है।
5.40 लाख से अधिक लाभार्थियों की पूरी हुई ई-केवाईसी
तीनों शिक्षा विभागों में कुल 12,89,018 पात्र शिक्षक-कार्मिकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों और उनके आश्रितों को योजना से जोड़ा जाना है। इनमें से अब तक 5,40,878 लाभार्थियों की ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है।
सरकार का उद्देश्य शिक्षा क्षेत्र से जुड़े प्रत्येक पात्र व्यक्ति को मजबूत स्वास्थ्य सुरक्षा कवच उपलब्ध कराना है। इसी लक्ष्य के तहत अभियान को मिशन मोड में चलाया जा रहा है।
बेसिक शिक्षा विभाग में सबसे अधिक लाभार्थी जुड़े
बेसिक शिक्षा विभाग में योजना के तहत 11,03,464 पात्र लाभार्थी शामिल हैं। इनमें से अब तक 4,57,390 लाभार्थियों की ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है। विभागीय स्तर पर सभी जिलों में अभियान की नियमित समीक्षा की जा रही है, ताकि शत-प्रतिशत पात्र शिक्षक, कर्मचारी और उनके आश्रित योजना से जुड़ सकें।
माध्यमिक शिक्षा विभाग में भी तेजी से बढ़ी रफ्तार
माध्यमिक शिक्षा विभाग के 1,47,543 पात्र लाभार्थियों में से 65,754 शिक्षक-कार्मिकों की ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है। अधिकारियों को संस्थानवार प्रगति की निगरानी करते हुए सभी पात्र लाभार्थियों का जल्द से जल्द पंजीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
उच्च शिक्षा विभाग में चार दिनों में 47 प्रतिशत ई-केवाईसी पूरी
26 जुलाई को आगरा से उच्च शिक्षा विभाग को योजना में शामिल किए जाने के बाद अभियान ने तेज गति पकड़ी। विभाग के 38,011 पात्र लाभार्थियों में से केवल चार दिनों में 17,734 लाभार्थियों की ई-केवाईसी पूरी हो गई, जो कुल पात्र लाभार्थियों का लगभग 47 प्रतिशत है।
मिशन मोड में जारी है अभियान
महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने बताया कि योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए शासन और विभागीय स्तर पर लगातार समीक्षा की जा रही है। सभी जिलों और शिक्षण संस्थानों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रत्येक पात्र शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी और उनके आश्रितों की ई-केवाईसी समयबद्ध तरीके से पूरी कराई जाए।
ई-केवाईसी पूरी होने के बाद लाभार्थियों को सूचीबद्ध चिकित्सालयों में कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ मिल सकेगा। मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना शिक्षा परिवार के लिए एक व्यापक स्वास्थ्य सुरक्षा कवच के रूप में लागू की जा रही है।


