मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को गाजीपुर में 692 करोड़ रुपये की लागत वाली 268 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस अवसर पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कानून व्यवस्था, विकास और विपक्ष के मुद्दों पर अपनी सरकार का पक्ष रखा।
- जनता को चाहिए ऐसे जनप्रतिनिधि जो उनकी आवाज उठाएं
- गाजीपुर की पहचान विकास और आध्यात्मिक विरासत से
- कृष्णानंद राय हत्याकांड का किया जिक्र
- गाजीपुर की वीरता और राष्ट्रभक्ति को किया नमन
- राष्ट्रनायकों के सम्मान की बात
- गाजीपुर में बढ़ी कनेक्टिविटी और विकास की रफ्तार
- युवाओं, किसानों और महिलाओं के लिए योजनाओं का जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अपराधियों और माफिया तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की गई है। अब कोई भी व्यक्ति धार्मिक आयोजनों में असलहा लहराकर भय का माहौल बनाने या उपद्रव करने का साहस नहीं कर सकता।
उन्होंने कहा कि यदि कोई रामलीला जैसे आयोजनों में असलहा लेकर माहौल खराब करने का प्रयास करेगा तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
जनता को चाहिए ऐसे जनप्रतिनिधि जो उनकी आवाज उठाएं
मुख्यमंत्री ने गाजीपुरवासियों से अपील की कि वे ऐसे जनप्रतिनिधियों का चयन करें जो क्षेत्र और जनता के हितों के लिए कार्य करें। उन्होंने कहा कि जनता को ऐसे प्रतिनिधियों की आवश्यकता है जो उनकी समस्याओं को मजबूती से उठाएं, न कि अवैध गतिविधियों में शामिल हों।
मुख्यमंत्री ने कहा कि फर्जी लाइसेंस, अवैध कब्जे और जनता के शोषण जैसी गतिविधियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
गाजीपुर की पहचान विकास और आध्यात्मिक विरासत से
सीएम योगी ने कहा कि गाजीपुर को “लहुरी काशी” के नाम से जाना जाता है और इसकी अपनी अलग आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान है। उन्होंने कहा कि पौहारी बाबा के आश्रम, भगवान परशुराम और महर्षि जमदग्नि से जुड़ी इस पावन धरती पर माफिया और अपराधियों के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि माफिया समाज के लिए खतरा होते हैं, जो गरीबों का शोषण करते हैं, व्यापारियों को डराते हैं और महिलाओं की सुरक्षा को प्रभावित करते हैं।
कृष्णानंद राय हत्याकांड का किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने पूर्व विधायक कृष्णानंद राय का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने माफिया के खिलाफ संघर्ष किया था, लेकिन उन्हें और सात अन्य युवाओं को निर्ममता से हत्या का शिकार होना पड़ा।
उन्होंने कहा कि पहले माफिया को राजनीतिक संरक्षण मिलता था, लेकिन अब उत्तर प्रदेश में ऐसा संभव नहीं है। अपराधियों और उन्हें संरक्षण देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
गाजीपुर की वीरता और राष्ट्रभक्ति को किया नमन
मुख्यमंत्री ने वीर अब्दुल हमीद समेत गाजीपुर के वीर जवानों और साहित्यकारों को याद करते हुए कहा कि यह धरती हमेशा राष्ट्रभक्ति और वीरता की प्रेरणा रही है।
उन्होंने कहा कि एशिया के सबसे बड़े गांव गहमर में हजारों सैनिक और पूर्व सैनिक रहते हैं। गाजीपुर के वीरों ने स्वतंत्रता संग्राम से लेकर 1962, 1965, 1971 के युद्धों और कारगिल युद्ध तक देश की सेवा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
राष्ट्रनायकों के सम्मान की बात
मुख्यमंत्री ने कहा कि जो समाज अपने राष्ट्रनायकों का सम्मान करता है, वही आगे बढ़ता है। उन्होंने महाराजा सुहेलदेव के सम्मान में सरकार द्वारा किए गए कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार इतिहास और संस्कृति के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी सरकार राष्ट्रनायकों को सम्मान देने का कार्य कर रही है।
गाजीपुर में बढ़ी कनेक्टिविटी और विकास की रफ्तार
मुख्यमंत्री ने कहा कि गाजीपुर में मेडिकल कॉलेज, बेहतर सड़क संपर्क और अन्य आधारभूत सुविधाओं का विस्तार हुआ है। अब गाजीपुर से लखनऊ, वाराणसी और गोरखपुर की यात्रा पहले की तुलना में आसान हुई है।
उन्होंने कहा कि पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को चंदौली, वाराणसी होते हुए शक्तिनगर तक जोड़ने की दिशा में सरकार काम कर रही है।
युवाओं, किसानों और महिलाओं के लिए योजनाओं का जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार युवाओं, किसानों, महिलाओं और व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए विभिन्न योजनाएं चला रही है। उन्होंने ओडीओपी, पीएम विश्वकर्मा योजना, मिशन रोजगार और मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान जैसी योजनाओं का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं और किसानों के हित में लगातार निर्णय लिए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के विकास की प्राथमिकता गरीब, किसान, महिला और युवा हैं। वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने के लिए सभी को मिलकर आगे बढ़ना होगा।
उन्होंने गाजीपुरवासियों से आह्वान किया कि वे विकसित भारत, विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित गाजीपुर के निर्माण में भागीदार बनें। उन्होंने कहा कि सुरक्षा, सुशासन और विकास डबल इंजन सरकार की पहचान है।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविंद्र जायसवाल, विधायक बेदीराम, विधान परिषद सदस्य विशाल सिंह चंचल, जिला पंचायत प्रशासक सपना सिंह, भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष सरोज कुशवाहा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।


