पंजाब में कथित पेपर लीक मामले को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। इस मुद्दे पर एनडीए के सांसदों ने संसद के मानसून सत्र के दौरान प्रदर्शन किया और पंजाब सरकार से जवाबदेही की मांग की।
मंगलवार को संसद परिसर के मकर द्वार पर बीजेपी और एनडीए सांसदों ने प्रदर्शन करते हुए पंजाब के शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान सांसदों ने नारेबाजी की और राज्य सरकार पर परीक्षा व्यवस्था में लापरवाही के आरोप लगाए।
यह मामला पंजाब फार्मेसी ऑफिसर भर्ती परीक्षा से जुड़ा है। 19 जुलाई को आयोजित इस परीक्षा में करीब 7,000 उम्मीदवार शामिल हुए थे। आरोप है कि परीक्षा का प्रश्न पत्र लीक हुआ, जिसके बाद इस मामले को लेकर जांच और राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई।
बीजेपी ने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सरकार भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता बनाए रखने में असफल रही है। पार्टी ने दावा किया कि परीक्षा प्रक्रिया में गंभीर खामियां सामने आई हैं, जिनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
बीजेपी नेताओं ने इससे पहले भी पंजाब में हुई विभिन्न परीक्षाओं से जुड़े विवादों का जिक्र करते हुए सरकार पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में सख्त कार्रवाई की जरूरत है।
वहीं, इस पूरे मामले पर पंजाब सरकार की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया और जांच की प्रगति पर भी नजर बनी हुई है। पेपर लीक के मुद्दे को लेकर देशभर में राजनीतिक बहस जारी है और विपक्षी दल लगातार परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग उठा रहे हैं।


