उत्तर प्रदेश में घर खरीदने वाले लोगों के लिए राहत भरी खबर है। यूपी रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (UP RERA) ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी प्रमोटर या बिल्डर ने निर्धारित दर से अधिक GST वसूला है, तो पात्र खरीदार अब उसका रिफंड प्राप्त कर सकते हैं।
रिफंड के लिए आवंटी को GST पोर्टल पर FORM GST RFD-01 के माध्यम से आवेदन करना होगा। यदि आवंटी GST में पंजीकृत नहीं है, तो उसे पहले अपने पैन कार्ड के आधार पर GST पोर्टल पर अस्थायी (टेम्पररी) रजिस्ट्रेशन कराना होगा। इसके बाद “Refund for Unregistered Person” श्रेणी में आवेदन जमा किया जा सकेगा।
दो साल के भीतर करना होगा दावा
UP RERA के अनुसार, अनुबंध समाप्त होने या आवंटन रद्द होने की तारीख से दो वर्ष के भीतर GST रिफंड का दावा किया जा सकता है। हालांकि, 1,000 रुपये से कम GST राशि के रिफंड के आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
किन दस्तावेजों की होगी जरूरत?
रिफंड आवेदन के साथ खरीदार को भुगतान का प्रमाण, आवश्यक दस्तावेज और प्रमोटर द्वारा जारी संबंधित प्रमाणपत्र संलग्न करने होंगे। सभी दस्तावेजों के सत्यापन के बाद पात्र पाए जाने पर रिफंड स्वीकृत किया जाएगा।
क्यों लिया गया यह फैसला?
UP RERA को ऐसी कई शिकायतें मिली थीं जिनमें आरोप लगाया गया कि कुछ प्रमोटर अनुबंध समाप्त होने या आवंटन निरस्त होने के बाद भी खरीदारों से निर्धारित सीमा से अधिक GST वसूल रहे थे। कई मामलों में फ्लैट या भूखंड दोबारा बेचने के बावजूद अतिरिक्त GST वसूले जाने की शिकायतें सामने आईं।
इस संबंध में पहले भी 8 जनवरी 2025 को निर्देश जारी किए गए थे, लेकिन शिकायतें जारी रहने के बाद प्राधिकरण ने अब रिफंड की प्रक्रिया को स्पष्ट कर दिया है।
ध्यान रखने योग्य बातें
- निर्धारित दर से अधिक GST वसूले जाने पर ही रिफंड का दावा किया जा सकेगा।
- आवेदन GST पोर्टल पर FORM GST RFD-01 के माध्यम से करना होगा।
- अनुबंध समाप्ति या आवंटन निरस्तीकरण की तारीख से दो वर्ष के भीतर दावा करना अनिवार्य है।
- 1,000 रुपये से कम GST राशि पर रिफंड नहीं मिलेगा।
- रिफंड केवल दस्तावेजों के सत्यापन और पात्रता के आधार पर स्वीकृत किया जाएगा।


