उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले बुंदेलखंड को अलग राज्य बनाने की मांग एक बार फिर चर्चा में आ गई है। बीजेपी विधायक बृजभूषण राजपूत के पिता और पूर्व सांसद गंगाचरण राजपूत ने जालौन में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान बुंदेलखंड राज्य के गठन की मांग को लेकर समर्थन जुटाने की अपील की।
गंगाचरण राजपूत सोमवार को उरई पहुंचे, जहां उन्होंने जिला न्यायालय परिसर में अधिवक्ताओं से मुलाकात की और बुंदेलखंड को अलग राज्य बनाने के मुद्दे पर लोगों से जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने आम जनता से भी इस मांग को लेकर आंदोलन को मजबूत करने की अपील की।
सरकार से बुंदेलखंड राज्य गठन की मांग
‘बुंदेलखंड राज्य बनाओ मोर्चा’ के बैनर तले आयोजित कार्यक्रम में गंगाचरण राजपूत ने केंद्र और राज्य सरकार से अलग बुंदेलखंड राज्य के गठन की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि क्षेत्र लंबे समय से विकास से जुड़ी चुनौतियों का सामना कर रहा है और यहां के लोगों की मांगों पर ध्यान देने की जरूरत है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव से भी इस मुद्दे पर विचार करने की अपील की।
बोले- पद से ज्यादा महत्वपूर्ण बुंदेलखंड का विकास
कार्यक्रम के दौरान गंगाचरण राजपूत ने कहा कि बुंदेलखंड राज्य की मांग उनके लिए राजनीतिक पद से अधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो वह अपने बेटे के राजनीतिक भविष्य से भी समझौता करने को तैयार हैं, लेकिन बुंदेलखंड के विकास और सम्मान की मांग जारी रखेंगे।
उन्होंने नारे के रूप में कहा, “बुंदेलखंड नहीं तो वोट नहीं, बुंदेलखंड दो और वोट लो।”
चुनाव से पहले बढ़ सकती है सियासी चर्चा
उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए बुंदेलखंड को अलग राज्य बनाने का मुद्दा राजनीतिक रूप से अहम हो सकता है। हालांकि, अलग राज्य के गठन का फैसला केंद्र सरकार और संसद की प्रक्रिया के तहत ही संभव है। फिलहाल, गंगाचरण राजपूत की इस मांग के बाद बुंदेलखंड राज्य आंदोलन को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।


