जनपद बस्ती में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ₹504 करोड़ से अधिक लागत की 77 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने जनसभा को संबोधित करते हुए प्रदेश सरकार की विकास योजनाओं का उल्लेख किया और पूर्ववर्ती सरकारों की कार्यशैली पर भी टिप्पणी की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार प्रदेश के सभी क्षेत्रों के संतुलित विकास के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व की सरकारों के समय विकास कार्य कुछ सीमित क्षेत्रों तक ही केंद्रित रहे, जबकि प्रदेश के अन्य हिस्सों को अपेक्षित प्राथमिकता नहीं मिली। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार बिना किसी भेदभाव के प्रदेश के प्रत्येक जिले में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास पर ध्यान दे रही है।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा विषय था और उनकी सरकार ने आस्था एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को प्राथमिकता दी है। साथ ही उन्होंने विपक्षी दलों पर आरोप लगाया कि उन्होंने अतीत में राम मंदिर निर्माण का विरोध किया और भगवान राम के अस्तित्व पर भी सवाल उठाए।
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में राम भक्तों पर गोली चलाए जाने की पुरानी घटनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने हनुमानगढ़ी सहित कुछ धार्मिक स्थलों से जुड़े विवादों का हवाला देते हुए विपक्ष की आलोचना की और आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकारों के दौरान धार्मिक स्थलों से जुड़े कई विवाद उत्पन्न हुए। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार सभी धर्मस्थलों के सम्मान, सुरक्षा और विकास के लिए प्रतिबद्ध है तथा प्रदेश में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य विकास और सुशासन के माध्यम से प्रदेश को आगे बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि विभिन्न विकास परियोजनाओं से जनपद बस्ती और आसपास के क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा, जिससे लोगों को बेहतर सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल और अन्य सार्वजनिक सेवाओं का लाभ मिलेगा। उन्होंने जनता से विकास कार्यों में सहयोग करने और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने की भी अपील की।


