उत्तराखंड सरकार ने जनसेवा को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए एक बार फिर बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर राज्य में 4 जुलाई से 15 दिवसीय विशेष अभियान शुरू किया जाएगा, जिसे सेवा पखवाड़े के तहत संचालित किया जाएगा।
इस अभियान का उद्देश्य सरकारी सेवाओं को सीधे जनता तक पहुंचाना और उनकी समस्याओं का मौके पर ही समाधान सुनिश्चित करना है। मुख्यमंत्री का मानना है कि आम लोगों को छोटी-छोटी समस्याओं के लिए भी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते हैं, जिससे समय और संसाधनों की बर्बादी होती है। इसी स्थिति को बदलने के लिए अब अधिकारी खुद जनता के बीच पहुंचेंगे।
पिछले वर्ष शुरू किए गए “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान की सफलता के बाद इसका दूसरा चरण लागू किया जा रहा है। इस दौरान जिला, ब्लॉक और तहसील स्तर पर विशेष शिविर लगाए जाएंगे, जहां संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहेंगे।
इन शिविरों में न केवल जनसमस्याओं का समाधान किया जाएगा, बल्कि सरकारी योजनाओं की जानकारी भी लोगों तक पहुंचाई जाएगी, ताकि अधिक से अधिक पात्र लोग उनका लाभ ले सकें।
पिछले अभियान के दौरान 45 दिनों में 681 शिविर लगाए गए थे, जिनमें लाखों लोगों ने भाग लिया और हजारों शिकायतों का मौके पर निस्तारण किया गया था। इसी सफलता को देखते हुए सरकार ने इस बार इसे और व्यापक रूप में लागू करने का निर्णय लिया है।
प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं और सभी जिलों को निर्देश दिए गए हैं कि शिविरों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो। यह पहल राज्य में सुशासन को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


