कानपुर में सीएम योगी का प्राकृतिक खेती पर जोर, गोसंरक्षण को बताया संस्कृति का आधार

shikha verma
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कानपुर में आयोजित “प्राकृतिक खेती कार्यशाला-2026” को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोसंरक्षण, प्राकृतिक खेती और किसानों की आर्थिक स्थिति पर विस्तार से अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि सरकार गोवंश संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देकर किसानों की आय बढ़ाने का प्रयास कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गाय भारतीय संस्कृति और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है। उन्होंने प्राकृतिक खेती को कृषि लागत कम करने और पर्यावरण संरक्षण का प्रभावी माध्यम बताया। उनके अनुसार, गो आधारित खेती से रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों पर होने वाला खर्च कम किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार किसानों के हित में कई योजनाएं चला रही हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना, कृषि सिंचाई योजना और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) जैसी पहलें किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान कर रही हैं।

मुख्यमंत्री ने रासायनिक खेती के स्वास्थ्य और पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभावों का उल्लेख करते हुए प्राकृतिक खेती को भविष्य की आवश्यकता बताया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के 34 जिलों में प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है और इसके लिए प्रशिक्षण, प्रमाणन तथा विपणन की व्यवस्था विकसित की जा रही है।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश की हजारों गोशालाओं में बड़ी संख्या में गोवंश का संरक्षण किया जा रहा है। साथ ही, मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के माध्यम से गोपालकों को आर्थिक सहायता भी प्रदान की जा रही है।

उन्होंने किसानों से पराली जलाने के बजाय बायोगैस, एथेनॉल और अन्य जैविक उत्पादों के निर्माण में योगदान देने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में समृद्ध किसान और आत्मनिर्भर गांवों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

इस अवसर पर राज्य सरकार के कई मंत्री, जनप्रतिनिधि, किसान संगठन और कृषि क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ भी उपस्थित रहे।

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