बिहार खेल नीति पर मंथन, श्रेयसी सिंह ने दिए तेजी से काम के निर्देश

shikha verma
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पटना के विकास भवन में खेल मंत्री श्रेयसी सिंह की अध्यक्षता में राज्य की खेल अवसंरचना परियोजनाओं, प्रतिभा विकास कार्यक्रमों और भविष्य की खेल कार्ययोजना को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

डुमरी स्पोर्ट्स सिटी परियोजना पर फोकस

बैठक में लगभग 100 एकड़ में विकसित की जा रही डुमरी स्पोर्ट्स सिटी परियोजना की विस्तृत समीक्षा की गई। 574 करोड़ रुपये की इस परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण और प्रशासनिक प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है।

अधिकारियों ने बताया कि इस परियोजना को राष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाओं के अनुरूप विकसित करने के लिए विशेषज्ञ परामर्शदाता की सेवाएं ली जाएंगी। साथ ही परियोजना की नियमित मासिक समीक्षा करने के निर्देश भी दिए गए।

जिला उत्कृष्टता केंद्रों का विस्तार

बैठक में निर्णय लिया गया कि अरवल, मधेपुरा और किशनगंज में जिला उत्कृष्टता केंद्रों का संचालन 15 जून से शुरू किया जाएगा, जहां कबड्डी, बैडमिंटन और ताइक्वांडो का आवासीय प्रशिक्षण दिया जाएगा।

इसके अलावा सिवान, मुंगेर और जमुई में फुटबॉल उत्कृष्टता केंद्र विकसित किए जाएंगे। अधिकारियों ने जानकारी दी कि इन केंद्रों के लिए चयन प्रक्रिया और प्रशिक्षकों की तैनाती पूरी कर ली गई है।

पंचायत स्तर पर खेल ढांचा मजबूत करने की योजना

राज्य में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए पंचायत स्तर पर खेल मैदानों और स्पोर्ट्स क्लबों के विस्तार पर भी चर्चा हुई। अब तक 5,266 खेल मैदान विकसित किए जा चुके हैं, जबकि शेष पंचायतों में भी तेजी से काम चल रहा है।

खिलाड़ियों के लिए रोजगार योजना पर चर्चा

बैठक में “मेडल लाओ, नौकरी पाओ” योजना के दायरे को बढ़ाने पर भी विचार किया गया। प्रस्ताव के तहत ओलंपिक पदक विजेताओं के साथ-साथ भारतीय क्रिकेट टीम के चयनित खिलाड़ियों को भी सरकारी नौकरी का लाभ देने की संभावना पर चर्चा हुई।

खेल कैलेंडर और अंतरराष्ट्रीय आयोजन

बैठक में बताया गया कि बिहार में आने वाले समय में कई बड़े खेल आयोजनों की तैयारी चल रही है, जिनमें रग्बी श्रृंखला, खेलो इंडिया महिला प्रतियोगिता और एफआईएच प्रो लीग शामिल हैं।

राजगीर स्टेडियम और अन्य परियोजनाएं

राजगीर अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम का निर्माण कार्य तेज गति से चल रहा है, जिसे दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसकी दर्शक क्षमता लगभग 40,000 होगी।

इसके अलावा बी.पी. सिन्हा शारीरिक शिक्षा महाविद्यालय को आधुनिक स्पोर्ट्स सेंटर के रूप में विकसित करने की योजना पर भी चर्चा की गई।

खेल नीति और भविष्य की योजना

बैठक में बिहार स्पोर्ट्स एक्शन प्लान को नीति आयोग के समक्ष प्रस्तुत करने पर सहमति बनी। इसमें स्कूलों में फिटनेस कार्यक्रम, टैलेंट पहचान, कोचिंग सर्टिफिकेशन और खेल विश्वविद्यालय से जुड़े कोर्स शामिल होंगे।

खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य बिहार को देश के अग्रणी खेल राज्यों में शामिल करना है और इसके लिए सभी विभागों को समयबद्ध तरीके से परियोजनाओं को पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

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