वैभव सूर्यवंशी के चयन के पीछे क्या थीं सबसे बड़ी वजहें?

shikha verma
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महज 15 साल की उम्र में वैभव सूर्यवंशी ने भारतीय क्रिकेट में ऐसी छाप छोड़ी है कि राष्ट्रीय टीम के चयनकर्ताओं के लिए उन्हें नजरअंदाज करना लगभग असंभव हो गया। आईपीएल 2026 में उनके विस्फोटक प्रदर्शन के बाद उन्हें भारतीय टी20 टीम में जगह मिल गई है।

मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने वैभव के चयन को सही ठहराते हुए कहा कि उन्होंने लगातार दो सीज़न में खुद को साबित किया है। अगरकर के अनुसार वैभव केवल प्रतिभाशाली बल्लेबाज़ ही नहीं, बल्कि मैच का रुख बदलने वाले खिलाड़ी भी हैं।

रिकॉर्ड तोड़ आईपीएल सीज़न

वैभव ने आईपीएल 2026 में 16 पारियों में 776 रन बनाए और एक सीज़न में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड अपने नाम किया। उन्होंने 72 छक्के लगाए, जबकि इससे पहले यह रिकॉर्ड क्रिस गेल के नाम था, जिन्होंने 2012 में 59 छक्के लगाए थे।

इस दौरान वैभव ने एक शतक और पांच अर्धशतक जड़े। उनके शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें ऑरेंज कैप, मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर, सुपर सिक्सेस, सुपर स्ट्राइकर और इमर्जिंग प्लेयर जैसे पांच बड़े पुरस्कार मिले।

क्रिकेट जगत में चर्चा का केंद्र

वरिष्ठ खेल पत्रकार अयाज़ मेमन का मानना है कि वैभव ने अपनी बल्लेबाज़ी से साबित कर दिया है कि वे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के लिए तैयार हैं। वहीं खेल पत्रकार प्रत्यूष राज उन्हें भारतीय क्रिकेट का “रेयर टैलेंट” बताते हैं।

प्रत्यूष राज के अनुसार, वैभव की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है और वे उन चुनिंदा खिलाड़ियों की श्रेणी में पहुंच चुके हैं जिनके लिए दर्शक विशेष रूप से स्टेडियम आते हैं। उनका मानना है कि आने वाले वर्षों में वैभव भारतीय क्रिकेट के नए पोस्टर बॉय बन सकते हैं।

बड़े गेंदबाज़ों के खिलाफ भी बेखौफ

आईपीएल के दौरान वैभव ने जसप्रीत बुमराह, पैट कमिंस, मोहम्मद सिराज और कागिसो रबाडा जैसे विश्वस्तरीय गेंदबाज़ों के खिलाफ आक्रामक बल्लेबाज़ी की। क्वालिफायर-2 में गुजरात टाइटंस के खिलाफ उनकी 97 रन की पारी को टूर्नामेंट की सर्वश्रेष्ठ पारियों में गिना जा रहा है।

उस मैच में राजस्थान रॉयल्स ने शुरुआती दो विकेट जल्दी गंवा दिए थे, लेकिन वैभव की आक्रामक और परिपक्व बल्लेबाज़ी ने टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया।

भविष्य का बड़ा सितारा?

विश्लेषकों का मानना है कि वैभव सूर्यवंशी में वह करिश्मा और क्षमता दिखाई देती है जो कभी सचिन तेंदुलकर, महेंद्र सिंह धोनी और विराट कोहली जैसे खिलाड़ियों में देखी गई थी।

भारतीय क्रिकेट में विराट कोहली के बाद नई पीढ़ी के सबसे बड़े चेहरे की तलाश लंबे समय से की जा रही थी। कई विशेषज्ञों का मानना है कि वैभव सूर्यवंशी इस भूमिका को निभाने की क्षमता रखते हैं।

उनकी उम्र को लेकर उठे सवालों के बीच मैदान पर उनके प्रदर्शन ने सभी आलोचनाओं का जवाब दिया है। यही वजह है कि चयनकर्ताओं ने उन्हें जल्दी मौका देने का फैसला किया और अब क्रिकेट प्रशंसकों की नजरें उनके अंतरराष्ट्रीय करियर पर टिकी हैं।

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