NEET पेपर लीक और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद के बीच उत्तर प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को पूरी तरह खारिज कर दिया है।
कानपुर सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत करते हुए मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि पेपर लीक या परीक्षा से जुड़े मामलों में जो भी दोषी पाए गए हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है, इसलिए किसी मंत्री के इस्तीफे का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने कहा, “मंत्री इस मामले में शामिल नहीं हैं, इसलिए उन्हें जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है।”
मंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले के समय की तुलना में अब परीक्षा प्रणाली अधिक पारदर्शी हुई है और पेपर लीक की घटनाओं में काफी कमी आई है। उन्होंने दावा किया कि पहले जहां बड़ी संख्या में पेपर लीक की घटनाएं होती थीं, अब उनमें भारी गिरावट आई है।
विपक्षी दलों पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक दल इस मुद्दे को बेवजह तूल दे रहे हैं और जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं।
इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों और पिछले 12 वर्षों की उपलब्धियों की भी सराहना की। मंत्री ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है और भारत वैश्विक स्तर पर अपनी स्थिति को लगातार बेहतर कर रहा है। उन्होंने नोटबंदी, जीएसटी, बुनियादी ढांचे के विकास और धार्मिक स्थलों के पुनर्निर्माण जैसे कार्यों को सरकार की बड़ी उपलब्धियों में गिनाया।
मंत्री ने कहा कि सरकार शिक्षा व्यवस्था में सुधार और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है, और किसी भी तरह की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
फिलहाल यह बयान ऐसे समय में आया है जब देशभर में NEET और अन्य परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।


