मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने विभिन्न वर्गों को स्वास्थ्य सुरक्षा से जोड़ते हुए कैशलेस चिकित्सा सुविधा का दायरा बढ़ाया है। शिक्षकों, प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) के जवानों, परिषदीय विद्यालयों की रसोइयों तथा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं-सहायिकाओं को उनके परिवार सहित प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने की पहल की गई है। इससे गंभीर बीमारी की स्थिति में परिवारों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को कम करने में मदद मिलेगी।
1.28 लाख से अधिक शिक्षकों और परिवारों को स्वास्थ्य कवर
उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत विश्वविद्यालयों, अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों, स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों और स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों में कार्यरत 1.28 लाख से अधिक शिक्षकों और उनके आश्रित परिवारों को मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा सुविधा योजना से जोड़ा गया है।
योजना के तहत पात्र परिवारों को हर वर्ष पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवर मिलेगा। सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में भर्ती, उपचार, दवाओं और डिस्चार्ज से संबंधित खर्च को योजना के दायरे में शामिल किया गया है। योजना में 1900 से अधिक उपचार पैकेज शामिल हैं, जिनमें कैंसर, हृदय और किडनी जैसी गंभीर बीमारियों के उपचार की सुविधा भी शामिल है।
पीआरडी जवानों को भी मिला परिवार सहित स्वास्थ्य कवच
प्रदेश के 31 हजार से अधिक प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) स्वयंसेवकों और उनके परिवारों को भी प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज की सुविधा देने का निर्णय लिया गया है। यह सुविधा सरकारी और सरकार की ओर से सूचीबद्ध अस्पतालों में उपलब्ध होगी।
औसत परिवार के आधार पर इस योजना से 1.55 लाख से अधिक लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ मिलने की उम्मीद है। इससे पीआरडी जवानों और उनके परिवारों को गंभीर बीमारी के समय इलाज के खर्च की बड़ी चिंता से राहत मिलेगी।
रसोइयों को भी परिवार सहित कैशलेस इलाज
परिषदीय विद्यालयों में पीएम पोषण योजना के तहत बच्चों के लिए भोजन तैयार करने वाली रसोइयों को भी स्वास्थ्य सुरक्षा के दायरे में शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री ने रसोइयों के मानदेय में प्रति माह एक हजार रुपये की वृद्धि के साथ उनके और उनके परिवारों के लिए पांच लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज की सुविधा देने की घोषणा की है।
इस पहल से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बीमारी के दौरान इलाज के लिए कर्ज लेने या अपनी बचत खर्च करने की मजबूरी कम होने की उम्मीद है।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को भी स्वास्थ्य सुरक्षा
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए भी सरकार ने स्वास्थ्य सुरक्षा का विस्तार किया है। मुख्यमंत्री ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय 8 हजार रुपये से बढ़ाकर 12 हजार रुपये और सहायिकाओं का मानदेय 4 हजार रुपये से बढ़ाकर 6 हजार रुपये करने की घोषणा की है।
इसके साथ ही कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और उनके परिवारों को प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है। इससे प्रदेश की बड़ी संख्या में आंगनवाड़ी कर्मियों और उनके परिवारों को गंभीर बीमारी के समय आर्थिक सुरक्षा मिलेगी।
स्वास्थ्य खर्च की चिंता कम करने की दिशा में कदम
प्रदेश सरकार की इन पहलों का उद्देश्य विभिन्न कर्मचारी और सेवा वर्गों को बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध कराना है। पांच लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज की सुविधा से गंभीर बीमारियों के उपचार में होने वाले बड़े खर्च का बोझ कम होगा और पात्र परिवारों को सूचीबद्ध अस्पतालों में समय पर उपचार मिल सकेगा।


