Hormuz Strait में अमेरिकी पनडुब्बी पकड़ने का ईरान का दावा, ट्रंप के सामने बढ़ी चुनौती

Nikhil Malhotra
5 Min Read

हालांकि, अमेरिका ने इस घटना को अलग तरीके से पेश किया है। पेंटागन के एक प्रवक्ता के मुताबिक, एक अंडरवाटर ड्रोन एक दिन से ज्यादा पहले खराब हो गया था। अमेरिकी पक्…

हालांकि, अमेरिका ने इस घटना को अलग तरीके से पेश किया है। पेंटागन के एक प्रवक्ता के मुताबिक, एक अंडरवाटर ड्रोन एक दिन से ज्यादा पहले खराब हो गया था। अमेरिकी पक्ष ने कहा कि यह ड्रोन चल रहे ऑपरेशन के समर्थन में इलाके के पानी का सर्वे कर रहा था

ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की नेवी ने दावा किया कि उसने होर्मुज स्ट्रेट के एंट्री पॉइंट पर अमेरिकी सेना के एक आधुनिक मानवरहित सबमर्सिबल को अपने कब्जे में ले लिया। ईरानी सरकारी मीडिया ने इसे DIVE-LD बताया है। यह एक बड़े आकार का ऑटोनॉमस अंडरवाटर व्हीकल है, जिसे समुद्र के भीतर बिना चालक के अलग-अलग मिशन को अंजाम देने के लिए डिजाइन किया गया है। ईरानी पक्ष ने दावा किया कि यह सिस्टम अत्याधुनिक तकनीक से लैस था

DIVE-LD एक ऑटोनॉमस अंडरवाटर व्हीकल है। कंपनी के मुताबिक करीब 19 फीट यानी 5.8 मीटर लंबा यह सबमर्सिबल कई तरह के समुद्री मिशन में इस्तेमाल किया जा सकता है

इसके संभावित मिशनों में

समुद्र के भीतर माइंस की पहचान और उनसे निपटने से जुड़े ऑपरेशन

सीबेड मैपिंग

समुद्र के भीतर जानकारी जुटाना

केबल और पाइपलाइन जैसे अंडरवाटर इंफ्रास्ट्रक्चर का निरीक्षण शामिल हैं

ईरान के दावे के बाद अमेरिकी रक्षा विभाग ने घटना को लेकर अलग बयान दिया। पेंटागन के प्रवक्ता ने कहा कि एक अंडरवाटर ड्रोन एक दिन से अधिक समय पहले खराब हो गया था। उनके मुताबिक यह ड्रोन चल रहे ऑपरेशन के समर्थन में इलाके के पानी का सर्वे कर रहा था। अमेरिकी पक्ष ने यह भी कहा कि खराब हुआ ड्रोन पुराना मॉडल था और उसमें संवेदनशील डेटा इकट्ठा करने की क्षमता या क्लासिफाइड सोनार अथवा रडार उपकरण नहीं था। इस तरह ईरान और अमेरिका के बयानों में घटना की अहमियत को लेकर स्पष्ट अंतर दिखाई दे रहा है

DIVE-LD बनाने वाली अमेरिकी कंपनी एंडुरिल ने अपने एक सिस्टम के नुकसान की पुष्टि की है, लेकिन कंपनी ने घटना को लेकर इसकी अहमियत कम करके बताई। कंपनी के अनुसार DIVE-LD एक ऐसा ऑटोनॉमस सिस्टम है जिसे खतरनाक वातावरण में काम करने के लिए तैयार किया गया है और ऐसे मिशनों में वाहन के नुकसान की संभावना को डिजाइन का हिस्सा माना जाता है

अमेरिकी सेना पिछले कुछ समय से मानवरहित नेवल सिस्टम में निवेश बढ़ा रही है। इनमें समुद्र की सतह पर और पानी के भीतर काम करने वाले ऑटोनॉमस सिस्टम शामिल हैं। इन तकनीकों का इस्तेमाल बड़े समुद्री इलाकों की निगरानी, खुफिया जानकारी जुटाने और दुश्मन के जहाजों या पनडुब्बियों पर नजर रखने जैसे अभियानों में किया जा सकता है। इसका एक बड़ा फायदा यह है कि ऐसे मिशनों में मानव सैनिकों को सीधे खतरे में डालने की जरूरत कम हो सकती है

होर्मुज स्ट्रेट की घटना के बीच अमेरिका ने ईरान के विमानन क्षेत्र पर भी नए प्रतिबंध लगाए हैं। अमेरिकी वित्त मंत्रालय के विदेशी परिसंपत्ति नियंत्रण कार्यालय (OFAC) के मुताबिक, अमेरिका ने ईरान के विमानन नेटवर्क, हथियारों के हस्तांतरण और कथित अवैध खरीद योजनाओं से जुड़े 36 संस्थाओं और व्यक्तियों को प्रतिबंधों के दायरे में रखा है

अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक इन प्रतिबंधों का निशाना ईरान की सक्रिय एयरलाइंस के साथ-साथ वे विदेशी बिचौलिए, मुखौटा कंपनियां और अन्य संस्थाएं हैं, जिन पर ईरान को विमान, विमान के कलपुर्जे और विमानन तकनीक हासिल करने में मदद करने का आरोप है। अमेरिका का आरोप है कि ईरान के विमानन क्षेत्र का इस्तेमाल उसके शासन की गतिविधियों और कथित आतंकवादी नेटवर्क को समर्थन देने के लिए किया जाता रहा है

होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ने वाला यह जलमार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद अहम है। यही वजह है कि यहां किसी अमेरिकी सैन्य सिस्टम के पकड़े जाने या क्षतिग्रस्त होने की घटना को लेकर तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है

ईरान और अमेरिका के बीच पहले से जारी तनाव के बीच यह घटनाक्रम ट्रंप प्रशासन के लिए नई चुनौती पैदा कर सकता है। हालांकि, अमेरिका की ओर से ड्रोन को लेकर दिया गया बयान यह संकेत देता है कि वॉशिंगटन इस घटना को ईरानी दावे के मुताबिक बड़ा सैन्य झटका नहीं मान रहा है

स्रोत: readnownews.in

Share This Article