सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर एक बार फिर तीखा हमला बोला है। इस बार राजभर ने अखिलेश यादव के एक कथित इंटरव्यू का हवाला देते हुए उनके यदुवंशी और कृष्णवंशी होने के दावे पर सवाल खड़े किए हैं। राजभर ने तंज कसते हुए कहा कि अखिलेश यादव को कम से कम भगवान श्रीकृष्ण का तो बनकर रहना चाहिए।
‘जय श्री राम या जय श्री कृष्ण’ के सवाल पर साधा निशाना
ओम प्रकाश राजभर ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि एक पत्रकार ने अखिलेश यादव से सवाल पूछा था कि ‘जय श्री राम बोलूं या जय श्री कृष्ण?’ राजभर के मुताबिक, इस सवाल का सीधा जवाब देने के बजाय अखिलेश यादव ने बातचीत का रुख बदल दिया।
राजभर ने इसी को लेकर अखिलेश पर निशाना साधते हुए कहा कि वह सार्वजनिक मंच पर एक बार भी ‘जय श्री राम’ या ‘जय श्री कृष्ण’ बोलने से बचते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि खुद को यदुवंशी बताने वाले अखिलेश यादव भगवान श्रीकृष्ण का नाम लेने से क्यों झिझकते हैं।
‘इतना भी क्या 18 प्रतिशत वोट का डर?’
राजभर ने अपने पोस्ट में आगे तंज कसते हुए कहा कि आखिर ऐसा क्या है कि 18 प्रतिशत वोट का डर इतना ज्यादा हो कि अपने आराध्य का नाम लेने में भी संकोच करना पड़े।
उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव भगवान श्रीकृष्ण का नाम लेने के साथ-साथ उनके दर्शन और जन्मस्थली जाने से भी दूरी बनाते हैं। राजभर ने यहां तक कहा कि अगर यही स्थिति बनी रही तो एक दिन अखिलेश यादव की अपनी बिरादरी भी उनसे सवाल कर सकती है कि क्या वह वास्तव में यदुवंशी हैं।
दूसरे धार्मिक कार्यक्रम का जिक्र कर अखिलेश पर साधा निशाना
ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर धार्मिक मुद्दों को लेकर कथित दोहरे रवैये का आरोप भी लगाया। उन्होंने लखनऊ में पैगम्बर-ए-इस्लाम के जन्मोत्सव से जुड़े एक कार्यक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि अखिलेश यादव ऐसे आयोजनों को लेकर खुलकर शुभकामनाएं देते हैं और कार्यक्रमों में टोपी पहने भी नजर आते हैं।


