विभाजन विभीषिका पर अखिलेश के बयान से गरमाई सियासत, केशव मौर्य ने साधा निशाना

shikha verma
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भाजपा की ओर से विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाए जाने को लेकर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव की टिप्पणी पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि विभाजन का दर्द झेलने वाले परिवारों की पीड़ा को समझने के लिए उस दौर की परिस्थितियों को जानना जरूरी है। मौर्य ने आरोप लगाया कि तुष्टीकरण की राजनीति करने वाले लोग विभाजन की त्रासदी से प्रभावित परिवारों के दर्द को नहीं समझ सकते।

देश की एकता और अखंडता को लेकर भाजपा का दावा

केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि भाजपा देश की एकता, अखंडता और संविधान की मजबूती को प्राथमिकता देती है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस और विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस जैसे अवसरों के माध्यम से लोगों को इतिहास की घटनाओं के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया जाता है, ताकि भविष्य में देश को दोबारा विभाजन जैसी त्रासदी का सामना न करना पड़े।

उन्होंने कहा कि देश को धर्म के आधार पर बांटने की कोशिशों से समाज को सतर्क रहना चाहिए। भाजपा का उद्देश्य राष्ट्र की एकता को मजबूत करना और लोगों के बीच राष्ट्रीय चेतना को बढ़ावा देना है।

‘विभाजन ही उत्सव है’ वाले बयान पर पलटवार

अखिलेश यादव ने भाजपा द्वारा विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाए जाने पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि भाजपा के लिए विभाजन ही उत्सव है। इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए केशव प्रसाद मौर्य ने सपा प्रमुख पर तीखा निशाना साधा।

उन्होंने कहा कि भाजपा के लिए राष्ट्र सर्वोपरि है, जबकि अखिलेश यादव की राजनीति परिवार और वोट बैंक के इर्द-गिर्द केंद्रित है। मौर्य ने कहा कि विभाजन की त्रासदी को राजनीतिक बयानबाजी का विषय बनाने के बजाय उससे जुड़े ऐतिहासिक तथ्यों और पीड़ित परिवारों की पीड़ा को समझना चाहिए।

भाजपा के इतिहास पर पढ़ाई करने की सलाह

तिरंगा यात्रा को लेकर अखिलेश यादव की ओर से भाजपा पर की गई टिप्पणी पर भी केशव प्रसाद मौर्य ने जवाब दिया। उन्होंने अखिलेश यादव को भाजपा के इतिहास का अध्ययन करने की सलाह देते हुए कहा कि तथ्यों की जानकारी के बाद ही किसी राजनीतिक दल के योगदान पर टिप्पणी करनी चाहिए।

मौर्य ने कहा कि भाजपा का उद्देश्य देश की एकता और अखंडता को मजबूत करना है। उन्होंने दावा किया कि पार्टी लगातार राष्ट्रहित, संविधान और देश की संप्रभुता से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देती रही है।

डिप्टी सीएम ने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन देश के इतिहास और विभाजन की पीड़ा से जुड़े विषयों पर तथ्यात्मक और संवेदनशील चर्चा होनी चाहिए।

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