स्वतंत्रता दिवस से पहले उत्तर प्रदेश में युवाओं को अपनी बात रचनात्मक तरीके से रखने का मंच देने के लिए ‘रंग दे बसंती’ अभियान शुरू किया जा रहा है। 11 से 14 अगस्त तक प्रदेश के कई शहरों में कविता, कला, संगीत और संवाद के जरिए युवा अपनी आवाज बुलंद करेंगे।
अभियान की थीम #RangDeBasanti और #WohDarBhoolnaNahi रखी गई है। इसका उद्देश्य डर और दबाव की संस्कृति के खिलाफ सकारात्मक संदेश देना और युवाओं को अभिव्यक्ति का मंच उपलब्ध कराना है। अभियान की मूल भावना है—‘बंदूक की जगह ब्रश, डर की जगह डायलॉग।’
प्रयागराज से होगी अभियान की शुरुआत
प्रदेशव्यापी अभियान की शुरुआत 11 अगस्त को प्रयागराज से होगी। यहां विश्वविद्यालय परिसर में युवा कवि अपनी रचनाओं के जरिए आपराधिक और भय की संस्कृति के खिलाफ रचनात्मक संदेश देंगे।
इसके बाद 12 अगस्त को लखनऊ में ग्रैफिटी वॉल का आयोजन किया जाएगा। इसमें शहर के कलाकार माफिया के प्रभाव और सामाजिक मुद्दों पर आधारित भित्ति चित्रों की लाइव पेंटिंग करेंगे।
मुजफ्फरनगर में कॉमिक और संवाद कार्यक्रम
अभियान के तहत 13 अगस्त को मुजफ्फरनगर में कॉमिक वितरण और संवाद कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। सांप्रदायिक सद्भाव पर आधारित कॉमिक्स युवाओं और छात्रों के बीच वितरित की जाएंगी। इसके साथ स्कूलों में युवाओं के साथ संवाद सत्र भी होंगे।
14 अगस्त को लॉन्च होगा ‘डर से आज़ादी’ अभियान गीत
स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या यानी 14 अगस्त को अभियान के गीत ‘डर से आज़ादी’ को प्रदेश स्तर पर लॉन्च किया जाएगा। इस दौरान रैप, संगीत और डिजिटल आर्ट के जरिए युवाओं की रचनात्मकता को सामने लाया जाएगा।
आयोजकों के मुताबिक, इस अभियान का मकसद सड़क पर भीड़ जुटाने के बजाय कविता, कला, संगीत और संवाद के माध्यम से युवाओं की आवाज को मजबूत करना है।


