Gen Z को आत्मनिर्भर बना रहा योगी सरकार का ‘यूथ अड्डा’

shikha verma
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उत्तर प्रदेश सरकार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के साथ-साथ उन्हें उद्यमी बनाने की दिशा में भी तेजी से काम कर रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर शुरू किया गया ‘यूथ अड्डा’ नई पीढ़ी (Gen Z) को उद्यमिता, नवाचार और आत्मनिर्भरता से जोड़ने का एक सशक्त मंच बनकर उभर रहा है। इसका उद्देश्य युवाओं को नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाला बनाना है।

आज की Gen Z पारंपरिक नौकरियों तक सीमित नहीं रहना चाहती। यह पीढ़ी स्टार्टअप, डिजिटल बिजनेस, तकनीक और नवाचार के माध्यम से अपने भविष्य का निर्माण करना चाहती है। इसी बदलती सोच को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार ने ‘यूथ अड्डा’ की अवधारणा विकसित की है, जहां युवाओं को उद्यमिता से जुड़ी हर प्रकार की सुविधा एक ही मंच पर उपलब्ध कराई जा रही है। यहां उन्हें बिजनेस आइडिया विकसित करने, परियोजना रिपोर्ट तैयार करने, बैंक ऋण प्राप्त करने, उद्यम पंजीकरण, डिजिटल मार्केटिंग, ई-कॉमर्स और सरकारी योजनाओं की जानकारी के साथ अनुभवी उद्यमियों का मार्गदर्शन भी दिया जाता है।

सरकार ने इस पहल का फोकस विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, पॉलीटेक्निक और आईटीआई के विद्यार्थियों पर रखा है। उद्देश्य यह है कि छात्र पढ़ाई पूरी करने के बाद केवल नौकरी की तलाश न करें, बल्कि अपने विचारों को व्यवसाय में बदलने का साहस और अवसर भी प्राप्त करें। इसी के तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ड्रोन टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV), डिजिटल कॉमर्स और अन्य आधुनिक तकनीकों से संबंधित प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है, ताकि प्रदेश के युवा भविष्य की अर्थव्यवस्था के अनुरूप स्वयं को तैयार कर सकें।

‘यूथ अड्डा’ केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं के पूरे व्यावसायिक सफर में उनका सहयोग करता है। यहां मेंटरशिप, बैंकिंग सहायता, डिजिटल ब्रांडिंग, जीएसटी, गूगल बिजनेस प्रोफाइल, व्हाट्सएप बिजनेस और व्यवसाय विस्तार जैसे विषयों पर भी लगातार मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाता है। साथ ही 100 से अधिक तैयार फ्रेंचाइजी मॉडल उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे पहली बार व्यवसाय शुरू करने वाले युवाओं का जोखिम कम हो सके।

प्रदेश सरकार इस पहल को सभी 75 जिलों तक विस्तार देने की दिशा में कार्य कर रही है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं और महिला स्वयं सहायता समूहों को भी समान अवसर मिल सकें। स्थानीय उत्पादों की पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग को बढ़ावा देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने का भी लक्ष्य रखा गया है।

मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान (सीएम युवा) के अंतर्गत संचालित इस पहल के क्रियान्वयन में उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट्स कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीकॉन) महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यूपीकॉन के प्रबंध निदेशक प्रवीण सिंह के अनुसार, संस्था प्रशिक्षण, मेंटरशिप, परियोजना परामर्श, बैंकिंग सहयोग और उद्योग जगत से जुड़ाव के माध्यम से युवाओं को सफल उद्यमी बनाने का कार्य कर रही है। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2027 तक पांच लाख युवाओं को इस पहल से जोड़ना, ₹1,000 करोड़ से अधिक का ऋण उपलब्ध कराना, 10,000 से अधिक नए उद्यम स्थापित करना और 25,000 से अधिक एमएसएमई को सशक्त बनाना है। सरकार का मानना है कि यदि युवा रोजगार मांगने की बजाय रोजगार देने वाले बनेंगे, तो इससे उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी और एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।

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